लखनऊ। राजधानी में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया, जहां मैलवेयर के जरिए मोबाइल फोन हैक कर पीड़ित के खाते से ₹10 लाख उड़ा लिए गए। हालांकि, साइबर क्राइम थाना लखनऊ की तत्परता से पूरी रकम पीड़ित को वापस करा दी गई। जानकारी के अनुसार, अर्जुनगंज निवासी योगेन्द्र कुमार के एचडीएफसी बैंक खाते से 17 फरवरी को अज्ञात साइबर अपराधियों ने इंटरनेट बैंकिंग के जरिए तीन ट्रांजेक्शन में ₹10 लाख निकाल लिए।

साइबर पुलिस ने पूरी रकम कराई वापस

जांच में सामने आया कि ठगों ने पीड़ित को एक मैलिशियस फाइल भेजी थी, जिसे डाउनलोड करते ही उसका मोबाइल हैक हो गया और बैंकिंग डिटेल्स का दुरुपयोग कर रकम ट्रांसफर कर ली गई।मामले में 26 फरवरी को साइबर क्राइम थाना लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए “गोल्डन आवर” में ही खातों को फ्रीज कर दिया और पूरी रकम रिकवर कर पीड़ित के खाते में वापस करा दी।

भूलकर भी अपलोड न करें एपीके फाइल

इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार यादव, निरीक्षक पंकज कुमार अम्बष्ट और आरक्षी वैभव प्रकाश नैन की अहम भूमिका रही। पीड़ित ने लखनऊ पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि इतनी तेजी से पूरी रकम वापस मिलना उनके लिए बड़ी राहत है और इससे आम लोगों का पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ है। अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध एपीके फाइल को डाउनलोड न करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *