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ZFD योजना का असर: यूपी में सड़क हादसों में कमी, रोज बच रही 5 जिंदगियां

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लागू की गई ZFD (Zero Fatality Drive) योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश और पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में 1 जनवरी 2026 से प्रदेश के 7 पुलिस कमिश्नरेट और 68 जिलों के 487 दुर्घटना बाहुल्य थानों में यह योजना लागू की गई थी।

573 विशेष सीसी (क्रैश कंट्रोल) टीमों का गठन किया

डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस योजना के तहत 573 विशेष सीसी (क्रैश कंट्रोल) टीमों का गठन किया गया, जिन्हें स्पीड लेजर गन, ब्रेथ एनालाइजर और डेसीबल मीटर जैसे आधुनिक उपकरण दिए गए। इन टीमों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां सख्त निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई।

हादसों में आई बड़ी कमी

त्रैमासिक समीक्षा के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में—

सड़क दुर्घटनाओं में 7.43% कमी

मृतकों की संख्या में 11.55% कमी

घायलों की संख्या में 8.05% कमी दर्ज की गई है

प्रदेश की कुल 88 इकाइयों में से 63.6% (56 इकाई) दुर्घटना नियंत्रण में “ग्रीन जोन” में पहुंच चुकी हैं, जबकि 75% इकाइयों में मृतकों की संख्या में कमी आई है।

हर दिन बच रहीं जानें

ZFD योजना के चलते वर्ष 2026 की पहली तिमाही में—

करीब 450 मौतों में कमी

506 दुर्घटनाएं कम हुईं

यानी औसतन हर दिन लगभग 5 लोगों की जान बचाई जा रही है और 5 से अधिक दुर्घटनाएं रोकी जा रही हैं।

वैज्ञानिक तरीके से निगरानी

यातायात निदेशालय द्वारा वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर ऐसे थानों को चिन्हित किया जा रहा है जहां अतिरिक्त ध्यान की जरूरत है। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टीमों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं।

IRTE और CTM के विशेषज्ञों के सहयोग से पुलिस अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे दुर्घटना जांच की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

आधुनिक उपकरणों से मिलेगी मजबूती

सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने—

इंटरसेप्टर वाहनों,

सीसीटीवी कैमरों,

हेलमेट, बैरियर और अन्य उपकरणोंके लिए करोड़ों रुपये का बजट स्वीकृत किया है।

क्या है रणनीति?

ZFD योजना “जहां ज्यादा हादसे, वहां ज्यादा कार्रवाई” के सिद्धांत पर काम कर रही है। इसके तहत ओवरस्पीडिंग, ड्रंक ड्राइविंग, स्टंटबाजी, शोर और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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