आगरा । आगरा में पुलिस महकमे के भीतर भ्रष्टाचार के मामलों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। अलग-अलग थानों में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेने और मांगने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
मुकदमे में नाम हटाने के बदले मोटी रकम मांगने का आरोप
पहला मामला थाना इरादतनगर से जुड़ा है, जहां तैनात दरोगा मानवेंद्र गंगवार पर एक मुकदमे में नाम हटाने के बदले मोटी रकम मांगने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता नगेंद्र सिंह, जो पूर्व सैनिक हैं, ने आरोप लगाया कि दरोगा ने केस में राहत देने के नाम पर लाखों रुपये की डिमांड की। उन्होंने बातचीत के ऑडियो और वीडियो सबूत भी अधिकारियों को सौंपे।शिकायत के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए दीपक कुमार ने जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
वीडियो में खुली पोल
जांच के दौरान सामने आए वीडियो में आरोपी दरोगा केस निपटाने के बदले पैसे की बात करता और वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर अनुचित टिप्पणी करता दिखाई दे रहा है। इससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
अछनेरा थाने में भी घूसखोरी का मामला
दूसरा मामला थाना अछनेरा से सामने आया, जहां एसएसआई जितेंद्र यादव पर थाने के अंदर ही रिश्वत लेने का आरोप लगा है। वायरल सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर उन्हें डायरी में पैसे रखते हुए देखा गया।
एसएसआई को भी निलंबित कर दिया गया
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर एसएसआई को भी निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले की विभागीय जांच जारी है। इन दोनों मामलों में हुई कार्रवाई से साफ संकेत है कि पुलिस विभाग भ्रष्टाचार के मामलों में अब सख्त रुख अपना रहा है और दोषियों को बख्शने के मूड में नहीं है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता पूर्वक से जांच कर रही है
