लखनऊ । उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने अचानक रुख बदल लिया है। बुधवार शाम नोएडा, गाजियाबाद समेत दिल्ली से सटे इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन खतरे भी बढ़ गए।मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हुआ है। इसका असर 21 मार्च तक बना रह सकता है। इस दौरान कई जिलों में तेज आंधी के साथ बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट
पश्चिमी यूपी के कई जिलों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। खासकर सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।इसके साथ ही मेरठ, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, संभल और बदायूं समेत करीब दो दर्जन जिलों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
बिजली गिरने का खतरा
कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात की भी संभावना जताई गई है, जिससे खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।तेज हवाओं और बारिश के चलते प्रदेश में गर्मी पर ब्रेक लगने वाला है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। वहीं बांदा में बुधवार को सबसे अधिक 39.6°C तापमान दर्ज किया गया।
20 मार्च रहेगा सबसे प्रभावी दिन
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 20 मार्च को इस बदलाव का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा, जब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का व्यापक प्रभाव रहेगा।कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मौसम फिलहाल राहत और जोखिम दोनों साथ लेकर आया है। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक किसी प्रकार यात्रा से बचें।
