लखनऊ । प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को संसद में पेश किए जाने की योजना के खिलाफ देशभर के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इस बिल के विरोध में लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 10 मार्च 2026 को कार्य बहिष्कार कर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे।यह निर्णय National Coordination Committee of Electricity Employees and Engineers (NCCOEEE) की ऑनलाइन बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता Shailendra Dubey ने की।
इंजीनियर सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेंगे
बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार इस बिल को संसद में पेश करती है तो देशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेंगे। एनसीसीओईईई ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि किसान विरोधी, उपभोक्ता विरोधी और कर्मचारी विरोधी बताए जा रहे इस बिल को संसद में पेश न किया जाए।बैठक में कहा गया कि इससे पहले विद्युत मंत्रालय ने इस बिल पर विभिन्न हितधारकों से सुझाव मांगे थे। बिजली क्षेत्र से जुड़े फेडरेशन, ट्रेड यूनियन और संगठनों ने सर्वसम्मति से अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए कहा था कि यह बिल जनविरोधी है और इसे वापस लिया जाना चाहिए।
विद्युत मंत्रालय ने एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया
हालांकि संगठनों का आरोप है कि हितधारकों की टिप्पणियों को न तो सार्वजनिक किया गया और न ही परामर्श बैठकों की कार्यवाही जारी की गई। इसके विपरीत 30 जनवरी 2026 को विद्युत मंत्रालय ने एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया, जिसमें All India Discoms Association को भी शामिल किया गया।शैलेन्द्र दुबे ने आरोप लगाया कि यह संगठन पहले से ही बिजली क्षेत्र के निजीकरण का समर्थन करता रहा है। ऐसे में कानून को अंतिम रूप देने वाले वर्किंग ग्रुप में इसे शामिल करना पूरी प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण और असंवैधानिक बनाता है।
बिजली कर्मचारी और इंजीनियरों में गहरा आक्रोश
उन्होंने कहा कि विद्युत मंत्रालय के इस एकतरफा कदम के खिलाफ देशभर के बिजली कर्मचारी और इंजीनियरों में गहरा आक्रोश है और वे इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं।एनसीसीओईईई ने यह भी निर्णय लिया है कि 9 मार्च को दिल्ली में एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के सांसदों को आमंत्रित किया जाएगा। इस बैठक में उन्हें प्रस्तावित बिल के किसानों, गरीब उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही सांसदों से अपील की जाएगी कि यदि यह बिल संसद में पेश किया जाता है तो वे इसका विरोध करें और इसे पारित न होने दें।
बिल 2025 के विरोध में कार्य बहिष्कार कर देशभर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी
बैठक में All India Power Engineers Federation के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे, महासचिव पी. रत्नाकर राव, All India Power Diploma Engineers Federation के अध्यक्ष आर.के. त्रिवेदी, All India Federation of Electricity Employees के महासचिव मोहन शर्मा, Electricity Employees Federation of India के महासचिव व एनसीसीओईईई के संयोजक सुदीप दत्ता, उपाध्यक्ष सुभाष लाम्बा तथा All India Powermen’s Federation के आर.के. पाराशर सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।बैठक के बाद सभी फेडरेशनों ने अपने-अपने सदस्यों को अलर्ट जारी करते हुए निर्देश दिया है कि 10 मार्च को प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में कार्य बहिष्कार कर देशभर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी करें।
