बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के चोला थाना क्षेत्र के पचौता गांव में लगे मेले से 16 वर्षीय छात्रा के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर तीन नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

परिजनों के साथ पचौता गांव में लगे मेले में गई थी

पीड़ित पिता के अनुसार उनकी 16 वर्षीय बेटी 11वीं कक्षा की छात्रा है। बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे वह परिजनों के साथ पचौता गांव में लगे मेले में गई थी। इसी दौरान एक कार में सवार दो युवकों ने उसे अचानक पकड़ लिया, मुंह दबाकर जबरन गाड़ी में डाल लिया और पास के जंगल की ओर ले गए।बताया गया कि जंगल में पहले से मौजूद दूसरी कार में सवार दो अन्य युवक भी वहां पहुंच गए। सुनसान स्थान पर कार रोककर दो आरोपियों ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जबकि दूसरी गाड़ी से आए दो युवकों ने भी उसके साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास किया।

छात्रा मेले में नहीं दिखी तो परिजनों को चिंता हुई

जब काफी देर तक छात्रा मेले में नहीं दिखी तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। करीब दो घंटे की तलाश के बाद छात्रा जंगल में अर्द्धबेहोशी और लहूलुहान हालत में मिली। होश में आने पर पीड़िता ने पूरी घटना परिजनों को बताई, जिसके बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।पीड़िता ने आरोपियों की पहचान दीपांशु यादव निवासी सराय दूल्हा, प्रिंस यादव निवासी बमहैटा (गाजियाबाद) और सुनील यादव निवासी पचौता के रूप में की है। एक अन्य आरोपी अज्ञात बताया गया है।

थाने पहुंचकर परिजनों ने की नारेबाजी

घटना से नाराज ग्रामीण और पीड़िता के परिजन गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में चोला थाने पहुंच गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सिकंदराबाद भास्कर कुमार मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।पुलिस के अनुसार पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज

सामूहिक दुष्कर्म जैसे मामलों में मेडिकल रिपोर्ट अहम साक्ष्य मानी जाती है। इसके अलावा मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।सीओ भास्कर मिश्रा ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता एक आरोपी को पहले से जानती थी, उसी के आधार पर आरोपियों की पहचान हुई। नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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