तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगटन। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने रविवार सुबह इसकी पुष्टि की। इसके बाद ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक ईरान में शांति स्थापित नहीं होती, हमला जारी रहेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक खामेनेई अब मृत हैं।”
हमले में मारे गए ईरानी सैन्य और परिवार के प्रमुख सदस्य
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की बेटी, पोता, बहू और दामाद भी मारे गए।आईडीएफ (इजराइल डिफेंस फोर्सेज) ने बताया कि हमले में ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शहीद हुए हैं, जिनमें सर्वोच्च सैन्य अधिकारी अली शमखानी, IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपुर, इंटेलिजेंस चीफ सलाह असदी, वरिष्ठ सैन्य अफसर मोहम्मद शिराजी ,मासूमों पर हमला: स्कूल में छात्राएं शहीद शामिल हैं।
इजराइली हवाई हमले में कम से कम 85 छात्राओं की मौत
दक्षिण ईरान के होर्मोजगन प्रांत के मिनाब में अमेरिकी और इजराइली हवाई हमले में कम से कम 85 छात्राओं की मौत हुई। 53 छात्राएं मलबे में दब गई थीं। प्रांतीय गवर्नर मोहम्मद रादमेहर ने इसकी पुष्टि की।ईरान ने जवाबी हमलों में इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी ने कहा कि इस घटना का जवाब ईरानी आर्म्ड फोर्सेज द्वारा कड़ा होगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा परिषद में कार्रवाई
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद को पत्र लिखा और हमला अमेरिकी-इजराइली गठबंधन द्वारा किए गए एक “अवैध आक्रामक युद्ध” के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने कानूनी अधिकार का प्रयोग किया।
मध्य पूर्व में बढ़ती अस्थिरता
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता और सैन्य अधिकारियों पर हमला, क्षेत्रीय तनाव को चरम पर ले गया है। ईरान की ओर से जवाबी हमले और मासूमों की मौत ने इस संकट को और गंभीर बना दिया है।
