लखनऊ । उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक पुनर्संरचना के तहत भारतीय जनता पार्टी ने देर रात कई जिलाध्यक्षों के नामों पर मुहर लगा दी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और शामली जिलों में की गई नियुक्तियों को सामाजिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

सहारनपुर में नए चेहरे पर भरोसा

करीब 11 महीने से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी नेतृत्व ने सहारनपुर जिले की कमान अजीत सिंह राणा को सौंप दी। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की ओर से जारी सूची में उनके नाम की घोषणा होते ही संगठन में चर्चा तेज हो गई।

अब तक डॉ. महेंद्र सिंह सैनी जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे थे

अब तक डॉ. महेंद्र सिंह सैनी जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे थे और वे भी दावेदारों में शामिल थे। बताया जा रहा है कि जिलाध्यक्ष पद के लिए लंबे समय से लॉबिंग और बैठकों का दौर जारी था। दिल्ली और लखनऊ स्तर तक मंथन के बाद आखिरकार राणा के नाम पर सहमति बनी।पिछले वर्ष जनवरी में इस पद के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिसमें करीब 74 नेताओं ने दावेदारी पेश की थी। लगभग एक साल की प्रतीक्षा के बाद संगठन ने नया नेतृत्व तय किया।

संगठन में लंबा अनुभव

अजीत सिंह राणा वर्ष 2003 से पार्टी से जुड़े हुए हैं। वे नानौता मंडल अध्यक्ष, मंडल महामंत्री और जिला महामंत्री जैसे पदों पर काम कर चुके हैं। वर्तमान में वे जिला उपाध्यक्ष के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।

शामली में फिर कश्यप समाज पर भरोसा

दूसरी ओर, शामली जिले में पार्टी ने एक बार फिर रामजी लाल कश्यप पर भरोसा जताया है। देर रात जारी सूची में उनके नाम की घोषणा के साथ ही समर्थकों में उत्साह देखा गया।करीब 11 महीनों से यहां भी जिलाध्यक्ष पद को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। बताया जाता है कि 80 से अधिक दावेदारों ने आवेदन किया था। मंडल स्तर पर नियुक्तियों के बाद जिला अध्यक्ष के नाम को अंतिम रूप दिया गया।रामजी लाल कश्यप इससे पहले वर्ष 2013 में भी जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। वे पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य भी रहे हैं और लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं।

राजनीतिक संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है। सहारनपुर में ठाकुर बिरादरी से आने वाले नेता को जिम्मेदारी देकर एक वर्ग को साधने का प्रयास माना जा रहा है, जबकि शामली में कश्यप समाज के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है।शामली, थानाभवन और कैराना विधानसभा क्षेत्रों में कश्यप समाज की निर्णायक भूमिका मानी जाती है। ऐसे में आगामी चुनावी रणनीति को देखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नवनियुक्त अध्यक्ष का बयान

रामजी लाल कश्यप ने जिम्मेदारी मिलने पर कहा कि वे संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर देंगे और सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए भरोसा दिलाया कि वे कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

आगे क्या?

जिलाध्यक्षों की घोषणा के बाद अब क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। वर्तमान में क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सत्येंद्र सिसोदिया संभाल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इस स्तर पर भी नई नियुक्तियों की घोषणा की जा सकती है।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन बदलावों को संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।

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