एसएमयूपीन्यूज, लखनऊ । नए साल के पहले दिन राजधानी में भारी यातायात जाम के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। डीसीपी पश्चिम ने सतखंडा, हुसैनाबाद और रूमी गेट चौकियों के इंचार्ज को लाइनहाजिर कर दिया, जबकि पुराना हाईकोर्ट और रिवर बैंक चौकियों के इंचार्ज के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए।
हजरतगंज में ई-रिक्शा पूरी तरह से प्रतिबंध
शहर के हजरतगंज इलाके में शनिवार से ई-रिक्शा पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। शुक्रवार को नए साल के जश्न में शहरभर में पांच लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरे, जिससे बड़े हिस्सों में जाम लग गया। खासकर पुराने लखनऊ के ठाकुरगंज, चौक और हजरतगंज क्षेत्रों में वाहनों का दबाव बढ़ गया।जाम की वजह ठेले-खोमचों और ई-रिक्शा के अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी होना बताया गया। श्रद्धालु हनुमंत धाम और हनुमान सेतु दर्शन के लिए आए, उन्हें भी लंबा जाम झेलना पड़ा।
चौक इलाके में जाम के कारण टीआई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई
जाम की स्थिति पर डीसीपी पश्चिम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित चौकी इंचार्जों से जानकारी मांगी। पुराना हाईकोर्ट और रिवर बैंक के चौकी इंचार्जों ने जाम की जानकारी न होने की बात बताई, जिससे उनकी लापरवाही उजागर हुई।इसके अलावा, चौक इलाके में जाम के कारण टीआई जमानत अब्बास के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
अभियान के तहत 28 ई-रिक्शा सीज किए गए
हजरतगंज में अभियान के तहत 28 ई-रिक्शा सीज किए गए और 120 वाहनों के चालान काटे गए। डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित ने बताया कि हजरतगंज इलाके में ई-रिक्शा संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में सड़कों पर जाम रोकने और यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया था। इस आदेश के बाद प्रशासन ने नए साल के पहले दिन हुई लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की है।
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