होम उप्र न्यूज़ आशनाई के शक में युवक की हत्या, शव बाइक समेत नदी में...

आशनाई के शक में युवक की हत्या, शव बाइक समेत नदी में फेंका, दो दिन में खुला राज

0
18

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में आशनाई के शक और पुरानी रंजिश में युवक की हत्या कर शव को मोटरसाइकिल समेत बागै नदी में फेंकने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज दो दिन में खुलासा कर दिया। नरैनी थाना पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल धारदार हथियार बांका और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी नदी से बरामद कर ली है।पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से मामले में सामने आए अंधे कत्ल की गुत्थी महज दो दिन में सुलझ गई। तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

5 सितंबर को मिली थी युवक की हत्या की सूचना

क्षेत्राधिकारी नरैनी प्रवीण कुमार के अनुसार, थाना नरैनी क्षेत्र के ग्राम नहरी लक्ष्मी बाजार निवासी जिलेदार ने 5 सितंबर को पुलिस को सूचना दी थी कि अज्ञात लोगों ने उनके बेटे बरकत की हत्या कर दी है और शव को बागै नदी में फेंक दिया है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बांदा के निर्देश पर हत्याकांड का जल्द खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गईं।पुलिस टीमों ने घटनाक्रम से जुड़े सुराग जुटाने के साथ संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू की। लगातार की गई जांच और पूछताछ के बाद पुलिस को हत्याकांड में शामिल आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

दो सगे भाइयों समेत तीन गिरफ्तार

नरैनी पुलिस ने 8 सितंबर को मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चुनवदा उर्फ रमेश और रामबाबू पुत्रगण पुन्ना, निवासी शंकर बाजार अंश पुकारी, थाना नरैनी तथा उनके साथी अरुण पुत्र किशोरी लाल, निवासी ग्राम पुकारी, थाना नरैनी के रूप में हुई है।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। जांच में सामने आया कि मृतक बरकत का आरोपियों के परिवार की एक महिला से मोबाइल पर बातचीत को लेकर विवाद चल रहा था।

मोबाइल पर बातचीत बनी हत्या की वजह

पुलिस पूछताछ के अनुसार, बरकत द्वारा आरोपियों के परिवार की एक महिला से मोबाइल फोन पर बातचीत किए जाने को लेकर विवाद और रंजिश थी। इसी मामले को लेकर आरोपियों के मन में बरकत के प्रति नाराजगी थी।पुलिस का कहना है कि इसी आशनाई के शक और रंजिश के चलते आरोपियों ने बरकत को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके बाद मौका पाकर उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया।हमले में गंभीर रूप से घायल बरकत की मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने और वारदात के सबूत छिपाने की कोशिश की।

शव को मोटरसाइकिल समेत नदी में फेंका

हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक के शव को उसकी मोटरसाइकिल समेत बागै नदी के पुल से नीचे फेंक दिया। उनका मकसद घटना को छिपाना और पुलिस को गुमराह करना था।घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की। पुलिस टीमों ने अलग-अलग बिंदुओं पर पड़ताल करते हुए संदिग्धों से पूछताछ की और उपलब्ध सुरागों को जोड़ना शुरू किया।लगातार किए गए प्रयासों के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

निशानदेही पर बांका और बाइक बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार बांका बरामद कर लिया। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बागै नदी से बरामद की गई है।पुलिस बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों को मामले की विवेचना में शामिल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

दो दिन में सुलझी हत्या की गुत्थी

5 सितंबर को मिली हत्या की सूचना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीमों ने लगातार सुराग जुटाए और संदिग्धों से पूछताछ की।
आखिरकार 8 सितंबर को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह पुलिस ने महज दो दिन के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफलता हासिल की।गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में मोबाइल पर बातचीत को लेकर पैदा हुआ विवाद और रंजिश हत्या की प्रमुख वजह सामने आई है। हत्या के बाद शव को नदी में फेंककर वारदात छिपाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस की त्वरित जांच के चलते दो दिन में ही पूरा मामला सामने आ गया।

यह भी पढ़े : सपा का बड़ा महिला कार्ड, सत्ता में आई तो हर महिला को सालाना ₹40 हजार: अखिलेश

यह भी पढ़े : यूपी में 60+ महिलाओं को रोडवेज में मुफ्त सफर, सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना

यह भी पढ़े : यूपी में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बड़ा इजाफा, अब हर महीने मिलेंगे 25 हजार रुपये

यह भी पढ़े : योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: यूपी में 250 नई इलेक्ट्रिक बसें, 2.76 लाख छात्रों के लिए खुलेगा छात्रवृत्ति पोर्ट

यह भी पढ़े : यूपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा