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राज्यसभा के लिए सपा के दो प्रत्याशियों का नामांकन

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रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी ने अखिलेश की मौजूदगी में भरा पर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को पार्टी के दो प्रत्याशियों प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में दोनों प्रत्याशियों ने निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पर्चा दाखिल किया।

नामांकन के दौरान सपा के वरिष्ठ नेता और महासचिव शिवपाल सिंह यादव, विधायक रविदास मेहरोत्रा, ओपी सिंह और अतुल प्रधान समेत पार्टी के कई नेता और विधायक मौजूद रहे। बड़ी संख्या में सपा विधायकों की मौजूदगी के बीच दोनों प्रत्याशियों ने नामांकन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज निर्वाचन अधिकारियों को सौंपे।

रामगोपाल यादव को फिर मिला मौका

सपा ने अपने वरिष्ठ संसदीय चेहरे और राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव को एक बार फिर राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। रामगोपाल यादव लंबे समय से पार्टी की संसदीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

वहीं, धनराज परिमल नाथवानी को भी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। नाथवानी का कारोबारी और खेल प्रशासन से जुड़ा अनुभव रहा है। वह वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े हैं और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।

10 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार प्रत्याशी 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर उत्तर प्रदेश में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 37 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होगी।

तीसरे प्रत्याशी पर सपा का फैसला बाकी

समाजवादी पार्टी ने बुधवार को फिलहाल दो प्रत्याशियों के नाम घोषित कर उनके नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर दी है। पार्टी की ओर से तीसरे प्रत्याशी के नाम की अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर दलों की रणनीति और प्रथम वरीयता मतों का गणित अहम होगा। अब सभी की नजरें सपा की ओर से तीसरे प्रत्याशी के नाम और पार्टी की आगे की रणनीति पर टिकी हैं।राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ उत्तर प्रदेश में सियासी गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। नामांकन की अंतिम तारीख के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।

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