सीतापुर में सबसे ज्यादा 7 मौतें, 56 जिलों में अतिवृष्टि, 1,000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त, सीएम के निर्देश पर राहत-बचाव अभियान तेज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटों से जारी भीषण बारिश और आंधी-तूफान ने तबाही मचा रखी है। अतिवृष्टि के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हादसों में अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 46 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इसके अलावा 1021 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और 107 मवेशियों की जान चली गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रदेश में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
औसत से 775 फीसदी अधिक बरसे बादल
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि 25 से 27 सितंबर के दौरान प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य तौर पर केवल 7.6 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 66.5 मिमी बारिश दर्ज की गई—जो सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 75 में से 56 जिले अतिवृष्टि की चपेट में हैं।
फर्रूखाबाद: सामान्य से 7,385% अधिक बारिश
कन्नौज: सामान्य से 5,664% अधिक बारिश
शाहजहांपुर: सामान्य से 4,408% अधिक बारिश
हमीरपुर: normal से 4,240% अधिक बारिश
महोबा: सामान्य से 4,100% अधिक बारिश
सीतापुर में सबसे ज्यादा तबाही, कई जिलों में भारी जनहानि
मौसम के इस रौद्र रूप से सबसे ज्यादा प्रभावित सीतापुर जिला रहा है, जहाँ मकान गिरने व अन्य हादसों में 7 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा:
5-5 मौतें: लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर
4-4 मौतें: अयोध्या और गोरखपुर
घायल: हरदोई (7), मैनपुरी, श्रावस्ती व बाराबंकी (5-5), सीतापुर व लखीमपुर खीरी (3-3)
मकान क्षति के मामले में हरदोई (272), सीतापुर (108), चंदौली (75) और औरैया (60) सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं।
फील्ड में उतरे अधिकारी, मुआवजा और राहत सामग्री वितरण के निर्देश
राहत आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि अधिकारी स्वयं धरातल पर उतरकर प्रभावितों से सीधे संवाद करें।
मुआवजा राशि: जनहानि, घायलों और मकान/पशु क्षति का तत्काल सर्वे कर नियमानुसार मुआवजा राशि जारी की जाए।
किसान राहत: बर्बाद हुई फसलों का त्वरित सर्वेक्षण कर मुआवजा देने को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है।
बेघर लोगों को आश्रय: बेघर हुए लोगों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने और आवास योजना के तहत लाभ देने के निर्देश दिए गए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, टोल-फ्री नंबर 1070 जारी
जलभराव वाले इलाकों में एनडीआरएफ/एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा रही हैं। प्रशासन ने अपील की है कि लोग नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
इमरजेंसी सहायता: किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए राहत आयुक्त कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
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