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वाराणसी में सवर्ण समाज का धरना छठे दिन भी जारी

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यूजीसी रेगुलेशन वापस लेने, आरक्षण में सुधार और एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक की मांग, आशुतोष उपाध्याय और सूरज प्रसाद चौबे समेत कई पदाधिकारी धरने पर बैठे

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शास्त्रीय घाट पर सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा धरना शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रहा। धरने में आदर्श ब्राह्मण फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष उपाध्याय, ब्रजेश मिश्र और सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे समेत समाज के अन्य लोग शामिल हुए।धरनारत लोगों ने यूजीसी रेगुलेशन वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था में सुधार करने, सवर्ण आयोग का गठन करने और एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग उठाई।

सूरज प्रसाद चौबे ने सरकार पर साधा निशाना

धरने को संबोधित करते हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि सवर्ण समाज अपने अधिकारों और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण सवर्ण समाज में असंतोष बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज के लोग जागरूक हों, अपने अधिकारों के लिए संगठित हों और अपना नेतृत्व स्वयं तैयार करें। चौबे ने कहा कि सवर्ण समाज सभी वर्गों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों की बात करता है, लेकिन उसके हितों और अधिकारों को भी समान महत्व मिलना चाहिए।

आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग

धरने के दौरान आरक्षण व्यवस्था में सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा कर सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुधार किए जाने की जरूरत है।
प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी से संबंधित नियमों को वापस लेने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि इन नियमों को लेकर सवर्ण समाज में व्यापक असंतोष है और सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

सवर्ण आयोग बनाने की मांग

धरने में सवर्ण समाज के लिए अलग आयोग के गठन की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि समाज की समस्याओं और शिकायतों को सुनने तथा उनके समाधान के लिए प्रभावी संस्थागत व्यवस्था होनी चाहिए।इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि किसी भी कानून का इस्तेमाल उत्पीड़न के लिए नहीं होना चाहिए और शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।

सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

धरनास्थल से प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।धरने में शामिल नेताओं ने कहा कि सवर्ण समाज देश की आजादी और निर्माण में योगदान देने वाले लोगों का वंशज है और अब वह अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यूजीसी रेगुलेशन पर पुनर्विचार, आरक्षण में सुधार, सवर्ण आयोग की स्थापना और एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग को रोकने की दिशा में कदम उठाने की मांग दोहराई।

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