चुनाव आयोग ने दोनों गुटों के नए नाम और चुनाव चिह्न किए तय, उपचुनाव में होगा इस्तेमाल
कोलकाता। चुनाव आयोग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट के नए नामों की घोषणा कर दी गई है। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ जबकि ऋतब्रत बनर्जी के गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है। चुनाव आयोग की ओर से दोनों पार्टियों के चुनाव चिह्न भी अलग-अलग दिया गया है।
चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया है जबकि ममता बनर्जी की पार्टी को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों में राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता दी है। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी की पार्टी ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है। उनकी पार्टी को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों में राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता दी गई है।
इससे पहले दोनों गुटों ने चुनाव आयोग को अपने-अपने नए पार्टी नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प सौंप दिए थे। एक गुट पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाला ‘मूल लेकिन अल्पमत’ वाला गुट है जबकि दूसरा पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला ‘बागी लेकिन बहुमत’ वाला गुट है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने गुरुवार आधी रात के बाद नाम और चिह्न के लिए तीन-तीन विकल्प आयोग को भेजे। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के गुट ने शुक्रवार सुबह अपने विकल्प भेजे थे।
चुनाव आयोग ने नए नाम और चिह्न जमा करने की अंतिम समय सीमा शुक्रवार सुबह 11 बजे तक तय की थी। अब आयोग दोनों गुटों के लिए नए नाम और चिह्न फाइनल कर दिया है, जिसका इस्तेमाल दोनों गुट 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में करेंगे। इन उपचुनावों के नतीजे 9 अक्टूबर को आएंगे। यह दोनों सीटें पूर्वी मेदिनीपुर और मुर्शिदाबाद जिले में हैं।
हालांकि दोनों गुटों के नेताओं ने शुक्रवार को विकल्प भेजने की पुष्टि की थी लेकिन उन्होंने अपने चुने हुए नामों और चिह्नों के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया था। दोनों गुटों के नेताओं का कहना था कि वे चुनाव आयोग के ऐलान का इंतजार करेंगे और उसके बाद ही इस पर कुछ कहेंगे। गुरुवार रात चुनाव आयोग ने ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘घास-फूल’ वाले चुनाव चिह्न को फिलहाल फ्रीज करने का ऐलान किया था।
यह भी पढ़े : सीएम योगी की अधिवक्ताओं को बड़ी सौगात, पांच लाख तक कैशलेस इलाज
यह भी पढ़े : लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली
यह भी पढ़े : लोक सेवक की जवाबदेही जरूरी, लोकायुक्त व्यवस्था पर अंकुश का काम करती है: योगी
यह भी पढ़े : BRICS SUMMIT 2026:भारत-चीन रिश्तों को नई दिशा, साझेदारी पर शी का जोर
यह भी पढ़े : तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का संकल्प: सीएम विजय









