हर घर तिरंगा अभियान-2026 के तहत कलेक्टरेट से शहीद पार्क तक निकली यात्रा, दो हजार से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा
संजीव सिंह,बलिया। कलेक्टरेट से शहीद पार्क तक 65 मीटर तिरंगे के साथ दो हज़ार से अधिक लोगों ने जताया जोश—नेता और अफसरों ने नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज का आदर बनाए रखने का आह्वान किया । हर घर तिरंगा अभियान-2026 के तहत गुरुवार को बलिया में देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला जब प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी के नेतृत्व में कलेक्टरेट से शहीद पार्क तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों सहित करीब दो हज़ार से अधिक लोग उत्साह के साथ शामिल हुए, जिससे पूरा शहर देशभक्ति के रंग में रंग गया।
हनुमान मंदिर होते हुए शहीद पार्क चौक पर समापन हुई
कलेक्टरेट परिसर से आरंभ हुई यात्रा टीडी कॉलेज चौराहा, ओवरब्रिज, रेलवे स्टेशन, माल गोदाम रोड और हनुमान मंदिर होते हुए शहीद पार्क चौक पर समापन हुई। रास्ते भर ‘वंदे मातरम’ और देशभक्ति के गीतों से माहौल गुंजायमान रहा। 65 मीटर लंबा तिरंगा यात्रा का केंद्र बिंदु रहा, जिसे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने अपने कंधों पर उठाकर आगे बढ़ाया। युवाओं और महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जिन्होंने जोश और अनुशासन दोनों का परिचय दिया।
शहीद पार्क चौक पर आयोजित समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ महज एक कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और नागरिकों में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का प्रतीक है। उन्होंने आम नागरिकों से तिरंगे का सम्मान बनाए रखने, ध्वज सम्मान नियमों का पालन करने और राष्ट्रीय एकता तथा अखंडता के संकल्प को जीवित रखने का आह्वान किया।
बलिया में राष्ट्रभक्ति और सामूहिक एकता की भावना मजबूत
यात्रा में विधायक केतकी सिंह, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा सहित जिला स्तरीय अधिकारी और कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नागरिकों की भारी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि बलिया में राष्ट्रभक्ति और सामूहिक एकता की भावना मजबूत है।
यह आयोजन न सिर्फ स्वतंत्रता दिवस के जश्न को गरिमा देता है बल्कि स्थानीय प्रशासन और समाज के बीच सामंजस्य का भी परिचायक है। 65 मीटर के तिरंगे के साथ जनसैलाब ने यह दिखाया कि सरकारी पहलें जमीन पर तब असर छोड़ती हैं जब समुदाय सक्रिय रूप से जुड़ता है। अब चुनौती यह है कि यह जोश केवल उत्सव-काल तक सीमित न रहे, बल्कि स्कूल, पंचायत और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से तिरंगे के प्रति सम्मान और प्रचार-प्रसार को नियमित रूप दिया जाए।
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