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मुक्त विश्वविद्यालय में उल्लासपूर्वक मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस

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ज्ञान, नवाचार और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण के केंद्र हैं विश्वविद्यालय : कर्नल विनय कुमार

नशा मुक्त भारत अभियान के विजेता हुए सम्मानित, नुक्कड़ नाटक से दिया नशामुक्त समाज का संदेश

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह के निर्देश पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर वन्दे मातरम् तथा राष्ट्रगान की प्रस्तुति की गई। उपस्थित विश्वविद्यालय परिवार ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों और राष्ट्र की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर जवानों को नमन किया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस का विशेष महत्व है, क्योंकि विश्वविद्यालय केवल उपाधियां प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं। ये ऐसे ज्ञान केंद्र हैं, जहां नए विचार न्म लेते हैं, प्रतिभाओं को विकसित होने का अवसर मिलता है, वैज्ञानिक एवं तार्किक दृष्टिकोण का निर्माण होता है और राष्ट्र के भविष्य की आधारशिला रखी जाती है।


उन्होंने कहा कि आज भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष अनुसंधान, स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की युवा शक्ति अपनी प्रतिभा और परिश्रम से विश्व पटल पर देश का गौरव बढ़ा रही है। उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को केवल ज्ञान और कौशल ही न दें, बल्कि उनमें अनुशासन, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व और संवेदनशीलता के संस्कार भी विकसित करें।

कर्नल विनय कुमार ने कहा कि विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति और उसकी विशिष्ट पहचान है। अनेक भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और जीवन-पद्धतियों के बावजूद भारतीयता की भावना हम सभी को एक सूत्र में बांधती है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार का आह्वान किया कि देश की एकता, अखंडता, भाईचारे और पारस्परिक सम्मान की भावना को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सभी अपने-अपने स्तर पर योगदान दें।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर राज्यपाल सचिवालय के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय में संचालित नशा मुक्त भारत अभियान पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। भाषण प्रतियोगिता में शोध छात्र संजय सिंह को प्रथम, कमल किशोर को द्वितीय तथा सुश्री प्रीति को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी प्रकार स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में दिग्विजय सिंह ने प्रथम, ज्योति गुप्ता ने द्वितीय तथा आशीष पटेल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की गई।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि युवाओं की सक्रिय सहभागिता के बिना नशामुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। शिक्षण संस्थानों के माध्यम से विद्यार्थियों में नशे के विरुद्ध चेतना विकसित कर इस संदेश को परिवार और समाज तक पहुंचाया जा सकता है।्रस्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्र की रक्षा और सेवा में उनके योगदान के प्रति विश्वविद्यालय परिवार ने कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर कहा गया कि सैनिकों का त्याग, अनुशासन, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

समारोह का विशेष आकर्षण नशा मुक्त भारत अभियान की टीम द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय एवं संवादों के माध्यम से नशे के कारण व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित किया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशा केवल किसी व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशे के विरुद्ध परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज को मिलकर जागरूकता का वातावरण तैयार करना होगा। नाटक की प्रस्तुति में शामिल टीम के सभी सदस्यों को विश्वविद्यालय की ओर से पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।


स्वतंत्रता दिवस समारोह में योग प्रशिक्षकों द्वारा योग एवं शांति पाठ का आयोजन भी किया गया। इसके माध्यम से स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और नशामुक्त जीवन का संदेश दिया गया। योग प्रशिक्षकों ने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन, आत्मानुशासन और सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करता है।समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वित्त अधिकारी, निदेशक, आचार्य, सहायक आचार्य, कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संपूर्ण परिसर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से ओतप्रोत रहा। उक्त जानकारी जनसंपर्क अधिकारी डा. प्रभा त चन्द्र मिश्र ने दी।

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