होमउप्र न्यूज़रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर की तैयारी, 38 अवैध भवनों के...

रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर की तैयारी, 38 अवैध भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश जारी

रामपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत रामपुर में बड़ी कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी एवं रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के उपाध्यक्ष अजय कुमार द्विवेदी ने मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट एवं मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बने 38 अवैध भवनों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27 के तहत विस्तृत सुनवाई, अभिलेखों की जांच और कानूनी परीक्षण के बाद की गई।

प्राधिकरण के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में है कुल 40 भवन

प्राधिकरण के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में कुल 40 भवन हैं, जिनमें से केवल मेडिकल कॉलेज भवन और अकादमिक (एकेडमिक) ब्लॉक के मानचित्र तत्कालीन जिला पंचायत से विधिवत स्वीकृत पाए गए। शेष 38 भवन, जिनका कुल निर्मित क्षेत्रफल 82,309.80 वर्गमीटर है, बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बनाए गए, इसलिए इन्हें अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं।

नोटिस, जवाब और सुनवाई के बाद लिया गया फैसला

आरडीए ने क्षेत्रीय अवर अभियंता की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज करते हुए 28 जून 2026 को नोटिस जारी किया था। इसके बाद 29 जून को मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के सचिव और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 8 जुलाई को लिखित जवाब दाखिल किया, जबकि 15 जुलाई को व्यक्तिगत सुनवाई हुई, जिसमें दोनों पक्षों के अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय ने क्या दलील दी?

सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि जिस ग्राम सिंगनखेड़ा में विश्वविद्यालय स्थित है, वह 27 सितंबर 2024 से पहले रामपुर विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र में शामिल नहीं था। इसलिए आरडीए से नक्शा स्वीकृत कराने की बाध्यता नहीं थी। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि भवन काफी पहले बनाए गए थे, इसलिए वर्तमान नियमों के आधार पर उन्हें अवैध नहीं माना जा सकता।

आरडीए ने क्यों खारिज की दलील?

रामपुर विकास प्राधिकरण ने इन तर्कों को अस्वीकार करते हुए कहा कि भले ही यह क्षेत्र बाद में विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल हुआ हो, लेकिन निर्माण के समय भी तत्कालीन सक्षम प्राधिकारी से मानचित्र स्वीकृति लेना अनिवार्य था। जिला पंचायत रामपुर से प्राप्त अभिलेखों में केवल दो भवनों की स्वीकृति मिली, जबकि बाकी 38 भवनों के लिए कोई वैध अनुमति या स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध नहीं कराया गया।

प्राधिकरण ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय स्वयं इस नियम से अवगत था, क्योंकि दो भवनों के लिए उसने जिला पंचायत से अनुमति प्राप्त की थी। ऐसे में शेष भवन बिना स्वीकृति बनाना स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।

रेगुलराइजेशन भी संभव नहीं

आदेश में कहा गया है कि ये निर्माण वर्तमान भूमि उपयोग के अनुरूप भी अनुमन्य नहीं हैं। इसलिए इनका विनियमीकरण (रेगुलराइजेशन) संभव नहीं है और कानूनी प्रावधानों के अनुसार ध्वस्तीकरण ही एकमात्र वैधानिक विकल्प बचता है। आदेश में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-59 का भी उल्लेख किया गया है, जिसके अनुसार बाद में विकास क्षेत्र में शामिल भूमि पर बने निर्माण तभी वैध माने जाएंगे, जब निर्माण के समय सक्षम प्राधिकारी से विधिवत अनुमति ली गई हो।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी हवाला

आरडीए ने अपने आदेश में अवैध निर्माणों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कठोर और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। विश्वविद्यालय द्वारा मास्टर प्लान, जोनल प्लान और विभिन्न कानूनी धाराओं का हवाला देते हुए दिए गए तर्कों का भी परीक्षण किया गया, लेकिन प्राधिकरण ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

छात्रों के हितों का भी रखा गया ध्यान

जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के दौरान विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके लिए क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक विश्वविद्यालय परिसर में काउंसिलिंग कैंप लगाएंगे और विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन व सहायता उपलब्ध कराएंगे, ताकि उनके शैक्षणिक हित सुरक्षित रह सकें।

अवैध निर्माणों पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के किए गए किसी भी अवैध निर्माण के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कानूनसम्मत और प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

यह भी पढ़े : 150 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद खुला चोरी का राज, पीजीआई पुलिस ने 20 लाख के जेवरों समेत चार शातिर चोर दबोचे

यह भी पढ़े : UPSSSC ने जारी किया एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती का फाइनल रिजल्ट, 377 अभ्यर्थियों का चयन

यह भी पढ़े : अमेरिका तक पहुंची लखनऊ पुलिस की जांच, अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर के मास्टरमाइंड समेत 3 और गिरफ्तार

यह भी पढ़े : अपराधियों का 100 प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करें : डीजीपी

यह भी पढ़े : लंबे समय तक आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंध ‘बलात्कार’ नहीं : हाईकोर्ट

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments