होटल में वारदात को दिया गया अंजाम
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले का कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा करते हुए 70 वर्षीय मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने साझा आपराधिक साजिश के तहत किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए, विभिन्न स्थानों पर रखा और होटल में उसके साथ दुष्कर्म कराया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर एवं संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) मो. मुश्ताक, अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली वसंथ कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक राम बाबू सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
ऐसे सामने आया मामला
पुलिस के अनुसार 24 जुलाई 2026 को शिकायतकर्ता ने थाना मोहनलालगंज में सूचना दी कि उसकी करीब 16 वर्षीय ननद 17 जुलाई को बिना बताए घर से चली गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।23 जुलाई को परिजनों को जानकारी मिली कि दुर्गेश और उसकी पत्नी खुशबू किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे और अपने घर में रखा था। जब परिजन वहां पहुंचे तो पीड़िता ने बताया कि 18 से 20 जुलाई के बीच राबिया और उसके पति विनोद उसे बाइक से पीजीआई क्षेत्र स्थित एक होटल में ले गए, जहां उसे कमरे में रखा गया। वहीं राबिया ने अपने परिचित द्वारिका रैदास से उसकी मुलाकात कराई, जिसने तीन दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। इस सूचना के आधार पर थाना मोहनलालगंज में बीएनएस की धारा 137(2), 61(2), 64(2)(m) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5L/6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
किसान पथ के पास दबोचे गए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) द्वारा विशेष टीमों का गठन किया गया। विवेचना, साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 26 जुलाई को किसान पथ के पास पूरनपुर गांव से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
जांच में क्या आया सामने
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास ने अन्य आरोपियों के सहयोग से पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध जबरन शारीरिक संबंध बनाए।जांच में यह भी पाया गया कि विनोद रावत, दुर्गेश रावत और खुशबू ने साझा आपराधिक मंशा के तहत किशोरी को बहला-फुसलाकर वाहन में बैठाया, अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बंधक बनाकर रखा और मुख्य आरोपी की मदद की।वहीं राबिया ने पीड़िता को होटल में ठहराने, मुख्य आरोपी को बुलाने और अपराध को अंजाम दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत अलग-अलग भूमिकाएं निभाकर गंभीर अपराध को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपी
द्वारिका रैदास (70 वर्ष) निवासी असरफ नगर, डुढ़वा, थाना बिजनौर, लखनऊ
विनोद रावत (20 वर्ष) निवासी गदियाना, थाना मोहनलालगंज
दुर्गेश रावत (26 वर्ष) निवासी गदियाना, थाना मोहनलालगंज
खुशबू (23 वर्ष) पत्नी दुर्गेश रावत
राबिया (18 वर्ष) पत्नी विनोद रावत
आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दुर्गेश रावत के खिलाफ पहले भी मारपीट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। वहीं मुख्य आरोपी द्वारिका रैदास के खिलाफ भी नगराम थाने में मारपीट और धमकी देने का मुकदमा दर्ज है।पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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