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‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ का बड़ा एक्शन: यूपी में 773 साइबर अपराधी गिरफ्तार, ₹1158 करोड़ की ठगी का खुलासा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध पर प्रभावी रोकथाम और साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के उद्देश्य से चलाए गए ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर साइबर अपराध मुख्यालय और प्रदेश पुलिस ने सात दिवसीय विशेष अभियान चलाकर 773 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया, जबकि 673 आरोपितों को नोटिस देकर पाबंद किया गया। अभियान के दौरान देशभर में फैले साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें लगभग 1158.70 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामले सामने आए।

पूरे प्रदेश में ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ चलाया गया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साइबर अपराध की प्रभावी रोकथाम तथा साइबर अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध मुख्यालय ने साइबर अपराध से संबंधित विस्तृत इंटेलिजेंस रिपोर्ट तैयार की। इन रिपोर्टों के आधार पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने 6 जुलाई 2026 को प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नरेट और जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर अभियान की रणनीति साझा की। इसके बाद 7 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ चलाया गया।

इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई से बड़ी सफलता

अभियान के दौरान साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खाते (Mule Accounts), डेबिट-क्रेडिट कार्ड, मोबाइल नंबर, अवैध कॉल सेंटर, सिम बॉक्स और अवैध सिम विक्रेताओं (Point of Sale) के खिलाफ समन्वित कार्रवाई की गई। साइबर अपराध मुख्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई इंटेलिजेंस का जनपद पुलिस ने त्वरित उपयोग करते हुए प्रदेशभर में छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान चलाया।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियां

773 साइबर अपराधी गिरफ्तार।
673 आरोपितों को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर पाबंद किया गया।
गिरफ्तार और नोटिस प्राप्त आरोपितों के खिलाफ देशभर की 196 पुरानी एफआईआर लिंक मिलीं।
इनके खिलाफ 865 नई एफआईआर दर्ज की गईं।
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध से जुड़े 23 नए मुकदमे दर्ज किए गए।
गिरफ्तार आरोपितों से संबंधित राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 7,989 शिकायतें दर्ज मिलीं।
इन शिकायतों से जुड़े मामलों में लगभग 1158.70 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
3,866 म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
17 अवैध कॉल सेंटर ध्वस्त किए गए।
साइबर अपराध में इस्तेमाल हो रहे 5 सिम बॉक्स जब्त कर कार्रवाई की गई।
11 अवैध सिम विक्रेताओं (PoS) के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अभियान में भारी मात्रा में उपकरण और नकदी बरामद

सात दिवसीय अभियान के दौरान पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों और नकदी की बड़ी बरामदगी भी की। इनमें शामिल हैं—

₹53,35,990 नकद
911 मोबाइल फोन
75 लैपटॉप/डेस्कटॉप
1,270 मोबाइल सिम कार्ड
648 डेबिट/क्रेडिट कार्ड
110 अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (पेन ड्राइव, राउटर, सीपीयू आदि)
लगभग ₹37 लाख मूल्य के ऑनलाइन गेमिंग क्लाइंट्स
इंटेलिजेंस आधारित रणनीति रही अभियान की सबसे बड़ी ताकत

उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधियों द्वारा उपयोग किए जा रहे बैंक खातों, मोबाइल कनेक्शन, सिम बॉक्स, धन निकासी केंद्रों तथा अन्य डिजिटल माध्यमों की पहचान कर जनपदों को समयबद्ध और कार्रवाई योग्य इंटेलिजेंस उपलब्ध कराना था। इसी रणनीति के तहत साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया गया।

भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान

साइबर अपराध मुख्यालय ने कहा कि ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ की सफलता साइबर अपराध मुख्यालय और जिला पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी विश्लेषण और त्वरित सूचना साझा करने का परिणाम है। भविष्य में भी साइबर अपराधियों के खिलाफ इसी प्रकार इंटेलिजेंस आधारित लक्षित अभियान चलाए जाते रहेंगे।उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क को खत्म करने और आम जनता को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखने के लिए कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।

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