लखनऊ। राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र में शुक्रवार को दो पक्षों के बीच हुए आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मारपीट की घटना में गंभीर रूप से घायल 27 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान एसजीपीजीआई ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष टीमें गठित कर दी हैं।
पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को करीब शाम 4 बजे थाना पीजीआई क्षेत्र के ग्राम जगतखेड़ा में दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया, जिसमें अभिषेक रावत (27 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय विनोद रावत गंभीर रूप से घायल हो गए। अभिषेक की माता पुष्पा उर्फ छवि रावत ग्राम जगतखेड़ा की निवासी हैं।घटना के तुरंत बाद अभिषेक को उपचार के लिए एसजीपीजीआई ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गोली लगने की खबर का पुलिस ने किया खंडन
घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह खबर प्रसारित होने लगी कि अखिलेश रावत नामक युवक को गोली लगी है और उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया है। इस पर पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच और मेडिकल परीक्षण में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की है।
मां की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज
मृतक की माता पुष्पा उर्फ छवि रावत की तहरीर के आधार पर थाना पीजीआई में मु.अ.सं. 354/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2), 191(3), 190 एवं 103(1) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।मामले में अखिलेश रावत, अमन रावत, राधे, अरुण रावत, सचिन रावत, अपीन लोधी, राजू तथा अन्य लोगों को नामजद किया गया है।
पांच पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटीं
पुलिस ने बताया कि नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और घटना के सफल अनावरण के लिए पांच विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। सभी टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है और जांच के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रहीमाबाद में गोली चलने की सूचना निकली अफवाह
राजधानी के रहीमाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सोशल मीडिया पर गोली चलने की सूचना वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रहीमाबाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे मामले की गहन जांच की। जांच में गोली चलने की बात पूरी तरह भ्रामक और असत्य पाई गई।पुलिस के अनुसार, थाना रहीमाबाद क्षेत्र के गहदो गांव स्थित पाण्डेय खेड़ा के पास विवेक पाठक, पुत्र रामशंकर पाठक निवासी ग्राम सिसवारा, और मो. समीर, पुत्र मो. हबीब निवासी ग्राम गहदो, के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।
दो युवकों के विवाद के बाद बाइक फिसलने से हुआ हादसा
बताया गया कि विवाद के बाद विवेक पाठक अपनी मोटरसाइकिल से वहां से निकलने लगा, जबकि मो. समीर चार पहिया वाहन से उसका पीछा करने लगा। इसी दौरान विवेक पाठक की बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गई, जिससे उसे चोटें आईं।घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सभी तथ्यों की जांच की। जांच के दौरान गोली चलने के कोई साक्ष्य नहीं मिले। मौके से न तो कोई खोखा बरामद हुआ और न ही ऐसा कोई अन्य प्रमाण मिला, जिससे फायरिंग की पुष्टि हो सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित गोली चलने की सूचना पूरी तरह भ्रामक और निराधार है।
पुलिस दोनों पक्षों को थाने बुलाकर उनकी तहरीर प्राप्त कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और ऐसी अफवाहों को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।
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