यूपी बना निवेश का सबसे भरोसेमंद ठिकाना, सेफ्टी-स्टेबिलिटी और स्पीड का ‘थ्री-एस मॉडल’ : सीएम योगी

बेंगलुरु। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज भारत के लिए सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड का ‘थ्री-एस मॉडल’ बन चुका है। मजबूत कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, बेहतरीन कनेक्टिविटी, पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल नीतियों ने उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल कर दिया है।
मुख्यमंत्री बुधवार को बेंगलुरु में आयोजित “उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026” के तहत रोडशो में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या के लिहाज से ही नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और औद्योगिक प्रगति के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत ने पिछले वर्षों में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं और उत्तर प्रदेश को भी इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भाग बनने का अवसर मिला है। एक समय था जब प्रदेश की पहचान खराब कानून-व्यवस्था, नीति पक्षाघात और पलायन से होती थी, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश निवेश और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बन गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों को वह सब कुछ मिलेगा जिसकी किसी भी उद्योग को आवश्यकता होती है। उत्तर प्रदेश में देश के 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे हैं। लगभग 16 हजार किलोमीटर का रेल नेटवर्क और चार लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क प्रदेश को देश के सबसे बेहतर कनेक्टेड राज्यों में शामिल करता है। इसके अलावा वाराणसी-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, मेट्रो नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहे एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पांच अंतरराष्ट्रीय और 11 घरेलू हवाई अड्डे संचालित हैं, जबकि पांच नए एयरपोर्ट पर कार्य चल रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन भी शुरू हो चुका है, जिससे वैश्विक निवेशकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
सीएम योगी ने कहा कि स्थिरता और सुरक्षा के माहौल का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। प्रदेश लगातार छह वर्षों से राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) राज्य बना हुआ है। बीते नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 36 सेक्टोरल नीतियां लागू की हैं और लगभग 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक विकसित किया है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 स्थानों पर औद्योगिक और लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही बीडा (बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के रूप में देश का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की युवा शक्ति को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश हर वर्ष करीब दो लाख स्टेम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) स्नातक तैयार करता है। प्रदेश में दो आईआईटी, एक आईआईएम, तीन तकनीकी विश्वविद्यालय और अनेक व्यावसायिक शिक्षण संस्थान उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार कर रहे हैं।
कृषि और एमएसएमई क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने के लिए व्यापक प्रयास किए गए हैं। वहीं राज्य में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिन्हें ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से विशेष प्रोत्साहन मिला है।
उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 18 हजार से अधिक बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित हुए हैं। पहले जहां प्रदेश में लगभग 14 हजार बड़े कारखाने थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 33 हजार से अधिक हो गई है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार हर निवेशक को सुरक्षा, सिंगल विंडो सुविधा और नीतिगत स्थिरता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से उत्तर प्रदेश आकर निवेश करने और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री Suresh Kumar Khanna, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपति और निवेशक भी उपस्थित रहे
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