सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साइबर अपराधियों को बताया परजीवी

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने साइबर अपराधियों को समाज का परजीवी बताते हुए कहा है कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने साइबर अपराध के एक आरोपित की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये टिप्पणी की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि साइबर अपराधी परजीवी हैं। वे भोले-भाले निवेशकों से पैसे लेकर उन्हें ठगते हैं। कोर्ट ने कहा कि आप तमिलनाडु में किसी को धोखा देते हैं, फिर जम्मू-कश्मीर जाते हैं और फिर उत्तर-पूर्व में जाते हैं।
चीफ जस्टिस ने कहा कि साइबर अपराधियों को सलाखों के पीछे रखना ही समाज के हित में होगा। दरअसल याचिकाकर्ता के खिलाफ साइबर अपराध से जुड़े कई एफआईआर अलग-अलग राज्यों में दर्ज हैं। याचिकाकर्ता ने इन एफआईआर को एक साथ जोड़ने की मांग की थी।
बता दें कि इसके पहले उच्चतम न्यायालय ने अंबाला के एक बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे एक करोड़ रुपये से ज्यादा की उगाही करने की घटना पर स्वत: संज्ञान लिया था। बुजुर्ग दंपति ने तत्कालीन चीफ जस्टिस बीआर गवई को पत्र लिखकर इस जालसाजी के बारे में बताया था। कोर्ट ने कहा था कि ये मामला एकमात्र मामला नहीं है। इसे लेकर मीडिया में कई खबरें आ चुकी हैं। कोर्ट ने कहा था कि न्यायिक दस्तावेजों की जालसाजी, निर्दोष लोगों और खासकर वरिष्ठ नागरिकों से जबरन वसूली और लूट से जुड़े आपराधिक कृत्य का खुलासा करने के लिए केंद्र और राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय की जरुरत है।
बुजुर्ग दंपति ने पत्र में कहा था कि 3 से 16 सितंबर के बीच दंपति की गिरफ्तारी और निगरानी की बात करने वाला मुहर लगा एक जाली अदालती आदेश पेश किया गया। इसके बाद कई बैंक लेनदेन के जरिये एक करोड़ रुपये के अधिक की धोखाधड़ी की गई। बुजुर्ग महिला के मुताबिक कुछ लोगों ने ऑडियो और वीडियो कॉल के जरिये कोर्ट के आदेश दिखाए।
खान सर से जुड़ी मानहानि याचिका पर अगली सुनवाई दो जुलाई को
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोचिंग संचालक खान सर और दूसरे कोचिंग टीचर की कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर दाखिल मानहानि याचिका पर आज भी टीवी पत्रकार को तत्काल कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस तेजस करिया की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को करने का आदेश दिया।
इसके पहले 8 जून को भी उच्च न्यायालय ने महिला पत्रकार को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए खान सर समेत दूसरे कोचिंग संचालकों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। टीवी पत्रकार की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रसारित वीडियो और पोस्ट में उनको लेकर बिकाऊ पत्रकार, चाटुकार और दल्ली जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, उन पर दलाली करने और फेक न्यूज की दुकान चलाने का भी आरोप लगाया गया है। टीवी पत्रकार ने कहा है कि इस पोस्ट की वजह से उनके परिवार को उत्पीड़न और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल याचिकाकर्ता टीवी पत्रकार ने अपने न्यूज चैनल पर स्टार टीचर्स नामक अपना शो चलाया था। जिसमें उन्होंने कोचिंग संचालकों को दो कौड़ी का टीचर कहा था। इसके बाद इस मामले पर बवाल मच गया और कई कोचिंग संचालकों ने वीडियो बनाकर संबंधित पत्रकार की तीखी आलोचना की। सोशल मीडिया पर इसे लेकर पक्ष विपक्ष में काफी तर्क-वितर्क देखने को मिले। उसके बाद संबंधित पत्रकार और उनके मीडिया संगठन ने खान सर और कुछ दूसरे कोचिंग संचालकों के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की। मानहानि याचिका में संबंधित पत्रकार और न्यूज चैनल ने दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
यह भी पढ़े : फायरिंग मामले में खान सर को पटना कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर लगी रोक
यह भी पढ़े : दिल्ली में मौत का तांडव, रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 21 जिंदगियां राख
यह भी पढ़े : यूपी में स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला, उपभोक्ता खुद तय करेंगे प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर
यह भी पढ़े : आर प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास, नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बने
यह भी पढ़े : पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने बनाई ‘इश्क करो पार्टी’, सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा




