बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी था
लखनऊ। राजधानी शनिवार को एक बड़ी पुलिस कार्रवाई से दहल उठी, जब इंदिरा कैनाल रोड पर पुलिस और एक बेहद कुख्यात इनामी बदमाश के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी शातिर अपराधी संजय उर्फ संजीव ढेर हो गया। मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मारे गए बदमाश की पहचान संजय उर्फ संजीव पुत्र हरीराम, निवासी ग्राम चक कोदार, थाना अहिरौली, जनपद अम्बेडकरनगर के रूप में हुई है।
संदीप सिंह हत्याकांड का था मास्टर शूटर
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संजय उर्फ संजीव हाल ही में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड (27 मई 2026, थाना पीजीआई, लखनऊ) का मुख्य शूटर था। इस वारदात के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की टॉप वांटेड सूची में शामिल था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस आयुक्त, लखनऊ द्वारा ₹1,00,000 का इनाम घोषित किया गया था।
कैसे हुई मुठभेड़
जानकारी के मुताबिक, दिनांक 27 जून 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम इंदिरा कैनाल रोड क्षेत्र में अपराधियों की तलाश और चेकिंग अभियान चला रही थी।
इसी दौरान पुलिस को इनामी अपराधी संजय उर्फ संजीव की मौजूदगी की सूचना मिली। पुलिस ने जब उसे घेरने का प्रयास किया तो उसने खुद को फंसता देख पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में ढेर
अपराधी की गोलीबारी के जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। जवाबी फायरिंग में एक गोली संजय उर्फ संजीव को लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। उसे तत्काल उपचार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े थे तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संजय उर्फ संजीव कोई अकेला अपराधी नहीं था, बल्कि वह एक संगठित आपराधिक गिरोह का सक्रिय सदस्य था। उसके तार अम्बेडकरनगर के कुख्यात अपराधियों दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग से जुड़े बताए जाते हैं। यह गैंग अम्बेडकरनगर, बस्ती और अयोध्या क्षेत्रों में कई सनसनीखेज हत्याओं और संगीन वारदातों में शामिल रहा है।
पुलिस को बड़ी सफलता
इस मुठभेड़ को पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से फरार चल रहा एक बेहद शातिर और इनामी अपराधी ढेर हो गया है। घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और अन्य फरार अपराधियों की तलाश तेज कर दी गई है।
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