एक लाख के इनामी सरबजीत का एनकाउंटर, व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड का सबसे बड़ा किरदार ढेर
पीलीभीत। करीब एक महीने पहले दिनदहाड़े हुई कपड़ा व्यापारी पप्पू गुप्ता की हत्या ने पूरे पीलीभीत को झकझोर दिया था। बाजार के बीचोंबीच चली गोलियों ने व्यापारियों में ऐसा खौफ पैदा किया कि कई दिनों तक दुकानें आधी खुलीं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे। उस हत्याकांड का सबसे बड़ा चेहरा और पुलिस की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल एक लाख रुपये का इनामी शूटर सरबजीत सिंह आखिरकार शनिवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
कई मिनट तक पूरा इलाका गोलियों की आवाज से दहलता रहा
उसके साथ हुई मुठभेड़ में गोलियां दोनों तरफ से चलीं, पुलिसकर्मी घायल हुए और कई मिनट तक पूरा इलाका गोलियों की आवाज से दहलता रहा।पुलिस के मुताबिक, सरबजीत सिंह पिछले लगभग एक महीने से लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह हर बार पुलिस की घेराबंदी तोड़कर निकल जाता था। उसके मोबाइल, संपर्कों और संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। आखिरकार शनिवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने एक साथी के साथ बिलसंडा थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव के पास देखा गया है।
एक दरोगा और एक सिपाही भी गोली लगने से घायल
सूचना मिलते ही बिलसंडा पुलिस और एसओजी टीम ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। जैसे ही पुलिस टीम बदमाशों के करीब पहुंची, सरबजीत ने बिना कोई मौका दिए फायरिंग शुरू कर दी। रात के सन्नाटे में अचानक गोलियां चलने लगीं और पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। कुछ ही देर में पूरा इलाका गोलियों की आवाज से गूंज उठा।मुठभेड़ के दौरान एक गोली सीधे बिलसंडा थानाध्यक्ष जगदीप मलिक की बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराई। यदि जैकेट नहीं होती तो परिणाम बेहद गंभीर हो सकता था। वहीं एसओजी के एक दरोगा और एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
जवाबी कार्रवाई में सरबजीत सिंह के सीने में गोली लगी
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सरबजीत सिंह के सीने में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर किया, लेकिन वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटनास्थल से पुलिस ने अवैध हथियार, कारतूस और अन्य सामान बरामद किया है। हालांकि सरबजीत का दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। उसकी तलाश में देर रात तक जंगलों और आसपास के गांवों में सघन कांबिंग अभियान चलता रहा।
एक विवाद… और चली थीं गोलियां
28 मई को बिलसंडा कस्बे में मूल विवाद व्यापारी पंकज कटियार को धमकाने का था। आरोप है कि इसके लिए बाहर से शूटर बुलाए गए थे। इसी दौरान पास की दुकान के व्यापारी पप्पू गुप्ता बीच-बचाव करने पहुंच गए। लेकिन कुछ ही सेकंड में विवाद खूनी वारदात में बदल गया। बदमाशों ने पप्पू गुप्ता पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। बाजार में मौजूद लोग जान बचाकर भागे और पप्पू गुप्ता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने पूरे जिले में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।
पुलिस पर भी उठे थे सवाल
घटना थाना क्षेत्र के बेहद करीब होने के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को निलंबित किया गया, जबकि तत्कालीन थानाध्यक्ष को भी लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने कई विशेष टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
आठ आरोपी पहले गिरफ्तार, अब मुख्य शूटर भी खत्म
जांच के दौरान पुलिस पहले ही इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पूछताछ में सामने आया कि पूरी वारदात योजनाबद्ध थी और पेशेवर शूटरों की मदद से अंजाम दी गई थी। मुख्य शूटर सरबजीत सिंह लगातार फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
अब फरार दूसरे आरोपी की तलाश अंतिम चरण में
सरबजीत के मारे जाने के बाद पुलिस का दावा है कि अब फरार दूसरे आरोपी की तलाश अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस हत्याकांड से जुड़े सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। वहीं व्यापारी वर्ग इसे बड़ी कार्रवाई मान रहा है, हालांकि उनका कहना है कि असली न्याय तभी होगा जब पूरी साजिश के हर किरदार को सजा मिले।
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