जालौन। रात वही थी… घर वही था… चारपाइयां भी वहीं बिछी थीं… लेकिन सुबह होते-होते उस घर की दुनिया उजड़ चुकी थी। जिस मां की उंगली पकड़कर चार साल की मासूम ‘बिट्टो’ पूरे मोहल्ले में घूमती थी, उसी मां ने उसकी सांसें छीन लीं। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के अकबरपुर इटौरा गांव से आई यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि गरीबी, टूटते रिश्तों और बिखरते परिवार की ऐसी दर्दनाक तस्वीर है जिसने हर किसी का दिल चीर दिया।

पूरा मोहल्ला प्यार से “बिट्टो” कहता था

चार साल की नैना… जिसे पूरा मोहल्ला प्यार से “बिट्टो” कहता था। छोटी-छोटी चूड़ियां पहनकर इतराना, लाल रिबन लगाकर दौड़ना और घर के बाहर खेलते हुए खिलखिलाना उसकी पहचान थी। उसे नहीं पता था कि जिस मां की गोद में सिर रखकर वह हर रात चैन से सोती है, वही गोद उसकी आखिरी जगह बन जाएगी।परिवार बेहद गरीब था। पिता राजकुमार मजदूरी करके किसी तरह घर चलाता था। घर में अक्सर पैसों को लेकर झगड़े होते थे।

गमछे का टुकड़ा फाड़ा और मासूम के गले में कस दिया

मां विनीता मायके जाना चाहती थी, लेकिन जेब खाली थी। दो दिन से घर में तनाव पसरा था।बृहस्पतिवार रात भी कहासुनी हुई। फिर सब सो गए। एक चारपाई पर पिता अपने दोनों बेटों के साथ सोए थे। दूसरी पर मां और बिट्टो। बाहर अंधेरा था, अंदर गरीबी का सन्नाटा।आधी रात के बाद मां उठी… उसने पहले जमीन पर लाल साड़ी बिछाई। फिर अपनी सोती हुई बेटी को गोद में उठाकर वहां ले गई। गांव वालों के मुताबिक उसने गमछे का टुकड़ा फाड़ा और मासूम के गले में कस दिया।

आखिरी वक्त तक यही सोचती रही होगी कि मां खेल रही

चार साल की बिट्टो शायद आखिरी वक्त तक यही सोचती रही होगी कि मां खेल रही है… क्योंकि बच्चों को कहां पता होता है कि मौत कैसी होती है।लेकिन उस रात घर की दीवारें सब देख रही थीं। पास में सो रहा 10 साल का भाई उमंग भी जाग गया था। उसने जो देखा, शायद वह जिंदगी भर भूल नहीं पाएगा। कांपते हाथों से उसने मोबाइल उठाया और वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।कुछ देर बाद बिजली चली गई। पिता की आंख खुली तो सामने का दृश्य देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। बिट्टो जमीन पर पड़ी थी… और मां उसके पास बैठी थी।

पोस्टमार्टम में गले की हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि

पूरी रात घर में कोई नहीं सोया। एक तरफ मासूम का शव पड़ा था… दूसरी तरफ परिवार का टूटा हुआ भरोसा। सुबह जब गांव वालों को पता चला तो हर आंख भर आई। महिलाएं रोते हुए सिर्फ एक बात कह रही थीं — “जिस मां की गोद सबसे सुरक्षित होती है, उसी ने बच्ची को मार डाला…”पोस्टमार्टम में गले की हड्डी टूटने से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी मां को हिरासत में ले लिया है।लेकिन गांव में अब भी सबसे बड़ा सवाल यही गूंज रहा है —क्या गरीबी सच में इंसान से उसकी ममता भी छीन लेती है…?

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