आगरा। आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र स्थित कालिंदी विहार में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। महज दो महीने पहले प्रेम विवाह कर नई जिंदगी शुरू करने वाली कंचन अब शव बनकर अपने मायके लौटी, तो परिजनों का दर्द गुस्से में बदल गया।

परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया

शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और लंगड़े की चौकी के सामने हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। देखते ही देखते सड़क पर मातम और आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। महिलाएं सड़क पर लेट गईं, लोग “फांसी दो-फांसी दो” के नारे लगाने लगे और पूरे हाईवे पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

प्रेम विवाह के दो महीने बाद मौत

लंगड़े की चौकी निवासी कंचन ने 15 फरवरी को कालिंदी विहार के पुष्पा एन्क्लेव निवासी शिवम वर्मा से प्रेम विवाह किया था। लेकिन परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही कंचन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उस पर 10 लाख रुपये की मांग का दबाव बनाया जा रहा था और जातिसूचक ताने भी दिए जाते थे।

कंचन के पिता पहले ही इस दुनिया से जा चुके

कंचन के पिता पहले ही इस दुनिया से जा चुके हैं, और भाई तरुण शटरिंग का काम कर किसी तरह परिवार चला रहा है। परिजनों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे ससुराल पक्ष की मांग पूरी नहीं कर सके, जिसका खामियाजा कंचन को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।

हत्या का आरोप, सबूत गायब करने की आशंका

भाई तरुण ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार दोपहर उसकी बहन की हत्या कर दी गई। उसने यह भी दावा किया कि कंचन की डायरी और मोबाइल फोन, जिनमें उसने अपनी पीड़ा लिखी थी, ससुराल पक्ष ने गायब कर दिए। इस संबंध में तरुण का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पुलिस का पक्ष और कार्रवाई

मामले में पुलिस ने पति, सास और देवर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। सय्यद अली अब्बास के अनुसार, प्रारंभिक जांच में फंदा लगाने की बात सामने आई है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आरोपी पति को हिरासत में ले लिया गया है।

हाईवे बना विरोध का मंच

शाम करीब 6 बजे जब शव घर पहुंचा, तो परिजनों ने उसे एंबुलेंस से उतारने से इनकार कर दिया। करीब 7:15 बजे शव को लेकर हाईवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। रामबाग से लेकर भगवान टॉकीज तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। सुल्तानगंज पुलिया से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया, लेकिन स्थिति और बिगड़ गई।

करीब एक घंटे तक हाईवे पूरी तरह जाम रहा

करीब एक घंटे तक हाईवे पूरी तरह जाम रहा। थाना हरीपर्वत पुलिस के पहुंचने और समझाने के बाद किसी तरह लोगों को हटाया जा सका। इसके बाद रात में पुलिस की मौजूदगी में कंचन का अंतिम संस्कार कराया गया।यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज में दहेज और घरेलू हिंसा की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर उजागर करती है। कंचन की अधूरी कहानी अब इंसाफ की उम्मीद पर टिकी है।

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