गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग में व्यापक सुधार हुए हैं, जिनका सीधा असर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा माहौल पर पड़ा है। समय पर भर्ती, बेहतर ट्रेनिंग और आधुनिक अवस्थापना सुविधाओं के विकास से पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे प्रदेश में सुशासन का मजबूत मॉडल स्थापित हुआ है।

भवनों के निर्माण पर 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई

मुख्यमंत्री गुरुवार को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बनाए गए दो अत्याधुनिक सुरक्षा भवनों के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इन भवनों के निर्माण पर 9.18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है। इनमें मंदिर सुरक्षा से जुड़े अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक के कार्यालय, कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम तथा मेंटिनेंस वर्कशॉप जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने भवन का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।

सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सुरक्षा किसी भी सुशासन की पहली शर्त होती है और हर नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पहले पुलिस विभाग में भर्ती, ट्रेनिंग और आधारभूत सुविधाओं की अनदेखी की जाती थी, जिसके चलते कई युवा पुलिस सेवा में आने से हिचकते थे।योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनकी सरकार के पिछले नौ वर्षों के कार्यकाल में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती पूरी की गई है। साथ ही पुलिस ट्रेनिंग की क्षमता में भी बड़ा इजाफा किया गया है। जहां वर्ष 2017 में एक समय में केवल 3 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा सकता था, वहीं अब यह क्षमता बढ़कर 60 हजार हो गई है।

कई पुलिसकर्मी किराए के मकानों में रहने को मजबूर थे

उन्होंने कहा कि पहले पुलिसकर्मियों के लिए न तो पर्याप्त आवासीय सुविधाएं थीं और न ही बैरकों की उचित व्यवस्था। कई पुलिसकर्मी किराए के मकानों में रहने को मजबूर थे, जिससे उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब सरकार ने हर पुलिस लाइन में आवास और बैरकों की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है, जिससे इस तरह की समस्याएं समाप्त हो गई हैं।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहले थानों में पर्याप्त संसाधनों और सुविधाओं का अभाव होता था, जिसके कारण कई बार अपराधियों को सुरक्षित रखने में दिक्कत आती थी। अब आधुनिक सुविधाओं से लैस थानों में अपराधियों को सुरक्षित रखने और पुलिसकर्मियों की तैनाती की बेहतर व्यवस्था की गई है, जिससे अपराधियों के भागने की संभावना खत्म हो गई है।

अब कोई भी थाने पर हमला करने की हिम्मत नहीं कर सकता

उन्होंने कहा कि अब कोई भी थाने पर हमला करने की हिम्मत नहीं कर सकता, क्योंकि थानों में पर्याप्त पुलिस बल और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। पुलिस अब पूरी तरह सक्षम और सशक्त होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही है।इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी, एडीजी गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन, एडीजी सुरक्षा तरुण गाबा, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी और महानगर संयोजक राजेश गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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