चंडीगढ़ । पंजाब के फिरोजपुर जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने आठ परिवारों की खुशियां छीन लीं। ब्लॉक ममदोट के जंगा वाला मोड़ के पास श्रद्धालुओं से भरी एक महिंद्रा पिकअप और ट्राले की जोरदार टक्कर में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 20 अन्य घायल हो गए। मृतकों में पांच महिलाएं और एक 10 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
एक समूह जलालाबाद से डेरा ब्यास में दर्शन के लिए जा रहा था
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं का एक समूह जलालाबाद से डेरा ब्यास में दर्शन के लिए जा रहा था। सुबह करीब साढ़े छह बजे उनकी पिकअप गाड़ी जंगा वाला मोड़ के पास पहुंची ही थी कि सामने से आ रहे ट्राले से उसकी जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई यात्री उछलकर वाहन के शीशों और सड़क पर जा गिरे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्राला चालक को संभवतः झपकी आ गई थी, जिसके कारण उसका वाहन गलत दिशा में आता दिखाई दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल भी मौके पर पहुंच गए
पिकअप चालक ने टक्कर से बचने के लिए वाहन को मोड़ने की कोशिश की, लेकिन उसी दौरान ट्राला चालक ने वाहन को वापस सीधा कर लिया और दोनों वाहन आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर का प्रभाव इतना भयानक था कि घटनास्थल पर ही कई लोगों की जान चली गई।हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल भी मौके पर पहुंच गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि तीन घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।जांच के दौरान एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिस पिकअप वाहन में श्रद्धालु सफर कर रहे थे, उसमें क्षमता से कहीं अधिक लोग बैठे थे।
करीब 30 लोगों को वाहन में ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया था
करीब 30 लोगों को वाहन में ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया था। वाहन के अंदर अतिरिक्त जगह बनाने के लिए अस्थायी संरचना तैयार की गई थी और पीछे की ओर भी लकड़ी के फट्टों से हिस्सा बढ़ाया गया था। इससे हादसे के दौरान नुकसान और अधिक बढ़ गया।पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे में चालक की लापरवाही, ओवरलोडिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और क्षमता से अधिक यात्रियों को ढोने की समस्या को उजागर कर दिया है।
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