लखनऊ। ’बहुजन समाज’ के मसीहा भारतरत्न बोधिसत्व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर की आज जयंती हैं। इस अवसर पर उनके अनुयायी लखनऊ समेत पूरे देश में धूमधाम से जयंती मना रहे हैं।बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भारत देश में ’बहुजन समाज’ के मसीहा भारतरत्न बोधिसत्व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर को आज उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन, पुष्पांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित किए हैं।

सभी लोगों का तहेदिल से आभार प्रकट किया

उन्होंने बसपा के लोगों द्वारा पूरे देश भर में ख़ुद व अपने परिवार सहित उन्हें पूरी मिशनरी भावना के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि एवं श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिये सभी लोगों का तहेदिल से आभार प्रकट किया हैं ।

बसपा प्रमुख ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का पूरा जीवन देश के ग़रीबों उपेक्षितों, शोषितों तथा जातिवाद एवं सामंतवाद से पीड़ित महिलाओं आदि समेत ’बहुजन समाज’ की सुरक्षा, सम्मान व उत्थान के लिये अत्यन्त ही कड़े संघर्ष में बीता, और अन्ततः जिसकी गारण्टी उन्होंने संविधान में सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक कार्य किया। वह अमर हो गये और जिसके लिये देश हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा।

बहुजन-कल्याणकारी संविधान के पवित्र उद्देश्यों

किन्तु काश, देश की केन्द्र व यहाँ राज्यों की सत्ता में रहने वाली पार्टियाँ बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अति-मानवतावादी, सर्वजन-हितैषी व बहुजन-कल्याणकारी संविधान के पवित्र उद्देश्यों को प्राप्त करने में सही से सफल हो पातीं तो भारत अभी तक स्वावलम्बी एवं आत्मनिर्भर व विकसित देश बनकर यहाँ के करोड़ों बहुजनों की अपार ग़रीबी, बेरोज़गारी, जातिवादी द्वेष, शोषण व जुल्म-ज़्यादती आदि से मुक्त समता एवं न्याय-युक्त जीवन लोगों को ज़रूर दे पाता।अगर ऐसा नहीं हो पाया है तो क्यों? इसका जवाब ढूंढने पर देश में बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर का ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ का कारवाँ चुनावी सफलता भी हासिल करके अपनी मंज़िल की ओर ज़रूर आगे बढ़ेगा। जय भीम, जय भारत

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