लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर के चक्कर की मिलक इलाके में सोमवार रात हुई दोहरे हत्याकांड की वारदात ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। महज 16 हजार रुपये के विवाद में पड़ोसी के बेटे ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक परिवार को तबाह कर दिया।हमलावरों ने राजा और उसकी पत्नी फराह पर उनके ही घर में घुसकर ताबड़तोड़ चाकू से हमला किया।

मां-बाप को बचाने के लिए बच्चे हमलवरों के पैरों से गिर पड़े

इस दौरान उनके मासूम बच्चे—8 साल की बेटी अफ्शा और बेटा आतिफ—मां-बाप को बचाने के लिए हमलावरों के पैरों में गिर पड़े, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। दोनों को तब तक चाकू से गोदा गया जब तक उनकी मौत नहीं हो गई।घटना के समय परिवार का छोटा बेटा अब्बास बीमार था और मां फराह उसकी देखभाल कर रही थी। जैसे ही हमलावर घर में घुसे, उन्होंने राजा पर हमला शुरू कर दिया। शोर सुनकर फराह पति को बचाने दौड़ी, लेकिन हमलावरों ने उस पर भी बेरहमी से वार कर दिए।

वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए

मासूम अफ्शा ने पुलिस को बताया कि वह और उसका भाई घर के बाहर थे, लेकिन चीख-पुकार सुनकर अंदर आए। उन्होंने रो-रोकर आरोपियों से मां-बाप को छोड़ने की गुहार लगाई, मगर हमलावरों ने उन्हें भी पीटा और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।बच्चों ने भागकर अपने दादा-चाचा को बुलाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी फरार हो चुके थे।जांच में सामने आया है कि यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि पूरी साजिश के तहत की गई थी।

मेहनत मजदूरी कर कुछ समय पहले ही नया घर खरीदा था

मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ घर में घुसा, जबकि एक अन्य आरोपी गली में बैकअप के तौर पर खड़ा था, ताकि जरूरत पड़ने पर मदद कर सके।राजा के परिवार का कहना है कि उसने मेहनत मजदूरी कर कुछ समय पहले ही नया घर खरीदा था और अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन जी रहा था। लेकिन इस वारदात ने तीन मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया।मां रानी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

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