संजीव सिंह यादव ,बलिया। बलिया में निर्वाचन नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान बलिया में साढ़े चार लाख नाम हटाए गए हैं। जबकि 2003 की मतदाता सूची में साक्ष्य न मिलने पर एक लाख 42 हजार मतदाताओं को नोटिस भेजकर सबूत मांगा गया है। आशंका जतायी जा रही है कि इसमें पड़ोसी देशों से आए घुसपैठिए भी हो सकते हैं।

कुल 25 लाख 10 हजार 595 मतदाता दर्ज

जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 25 लाख 10 हजार 595 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से 20 लाख 54 हजार 620 मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। मतदाता सूची पुनरीक्षण पर लगातार समीक्षा बैठकों के बाद जानकारी देते हुए डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि जनपद में मतदाता सूची से कुल चार लाख 55 हजार नाम हटाए गए हैं। उन्होंने बताया कि लगभग एक लाख 42 हजार मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हैं, लेकिन वर्ष 2003 की मतदाता सूची के अनुसार उनके जनपद में निवास का कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी एक लाख 42 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी कर दिया गया है। उनसे मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है।

3,023 दावे एवं आपत्तियों से संबंधित आवेदन प्राप्त हो चुके

दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि छह फरवरी निर्धारित की गई है। अब तक कुल 3,023 दावे एवं आपत्तियों से संबंधित आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि विशेष पुनरीक्षण के उपरांत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन छह मार्च को किया जाएगा। इसके अलावा सभी बूथों पर 11 जनवरी को बीएलओ द्वारा मतदाता सूची का वाचन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में एक भी फर्जी वोटर नहीं रहने दिया जाएगा। इसे लेकर खासी सतर्कता बरती जा रही है।

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