होम देश प्रदेश कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 मौतें, देशभर में शोक

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 मौतें, देशभर में शोक

0
29

प्रधानमंत्री मोदी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का किया ऐलान, घायलों को मिलेंगे 50 हजार रुपये; राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और विभिन्न दलों के नेताओं ने जताया दुख

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच हुए दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। उत्तर कोलकाता के मुक्तारामबाबू स्ट्रीट स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों तक शोक की लहर दौड़ गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में हुई भगदड़ की घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस घोषणा से हादसे में प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने जताई संवेदना

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हादसे में लोगों की मौत को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी भगदड़ की घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं और वह घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।

पश्चिम बंगाल लोक भवन की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, राज्यपाल आरएन रवि ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कई अनमोल जिंदगियों का चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

अमित शाह, राजनाथ सिंह और अन्य केंद्रीय नेताओं ने जताया दुख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की खबर पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। अमित शाह ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से उनकी बातचीत हुई है। उन्होंने घायलों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने पश्चिम बंगाल के अपने अगले दिन के कार्यक्रम स्थगित कर अस्पताल जाकर घायलों से मिलने की भी घोषणा की।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे में हुई जनहानि पर गहरा दुख जताया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी हैं।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्सव के अवसर पर कई परिवारों की जिंदगी में दुख का अंधेरा छा जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और भाजपा सांसद तरुण चुघ ने भी हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना को हृदयविदारक बताया।

खड़गे, राहुल गांधी और ममता बनर्जी ने भी जताया दुख

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हादसे पर गहरा आघात व्यक्त करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से बचाव कार्य और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने मृतकों और घायलों के परिवारों को उचित मुआवजा देने तथा घटना की गहन जांच कराने की मांग भी की। खड़गे ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने का आग्रह किया।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और हादसे की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत कार्यों में सहयोग करने को कहा।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हादसे पर गहरा सदमा और दुख व्यक्त किया। उन्होंने मां दुर्गा से घायलों के जल्द स्वस्थ होने तथा पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति और साहस देने की प्रार्थना की।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी घटना पर दुख जताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों को तत्काल बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की अपील की। तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि फिलहाल सबसे जरूरी घायलों की जान बचाना और उन्हें अस्पताल पहुंचाना है। उन्होंने घटना के कारणों का पता लगाने को भी आवश्यक बताया।

कैसे हुआ हादसा? जांच के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर

यह हादसा उत्तर कोलकाता के मुक्तारामबाबू स्ट्रीट स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूजा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान पंडाल के निकास द्वार का एक हिस्सा गिरने के बाद वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। भीड़ के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई।

घायलों को पास के कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि सभी लोग भीड़ के दबाव में कुचले गए या हादसे के दौरान अन्य कारणों से घायल हुए। आयोजक बिकाश दास ने भी कहा कि घटना के वास्तविक कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि उस समय प्राथमिकता बचाव कार्य और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की थी।

घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, अग्निशमन विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य में जुट गईं। मामले में पुलिस ने आयोजकों और निजी सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लिया है। घटना के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

हादसे ने उठाए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर सवाल

दुर्गा पूजा जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में प्रवेश और निकास के रास्तों की पर्याप्त व्यवस्था, भीड़ की आवाजाही पर नियंत्रण, आपातकालीन निकासी की योजना और प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बेहद महत्वपूर्ण होती है।चोरबागान पंडाल में हुई इस त्रासदी के बाद हादसे के कारणों की जांच के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आयोजन स्थल पर सुरक्षा इंतजाम किस प्रकार के थे और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए क्या व्यवस्था मौजूद थी। फिलहाल पूरा देश मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।

यह भी पढ़े : मेरठ सांप कांड में खौफनाक साजिश का अंत! पति की हत्या कर सांप से कटवाया, पत्नी और प्रेमी को फांसी

यह भी पढ़े : यूपी में महानवमी पर 19 अक्टूबर को भी छुट्टी, योगी सरकार ने घोषित किया सार्वजनिक अवकाश

यह भी पढ़े : टेस्ला की उड़ने वाली कार का कमाल, हवा में पलटी और फिर सुरक्षित उतरी रोडस्टर

यह भी पढ़े : 75 साल के रामसुगर को 30 साल की रानी से हुआ प्यार, सगाई का वीडियो वायरल

यह भी पढ़े : लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के हाथ, शिवपाल की भूमिका बदली

यह भी पढ़े : लोक सेवक की जवाबदेही जरूरी, लोकायुक्त व्यवस्था पर अंकुश का काम करती है: योगी

यह भी पढ़े : BRICS SUMMIT 2026:भारत-चीन रिश्तों को नई दिशा, साझेदारी पर शी का जोर