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100 साल की आस्था का भव्य उत्सव, बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी में दिखेगा पद्मनाभ स्वामी मंदिर का दिव्य वैभव

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शताब्दी वर्ष पर केरल के प्रसिद्ध मंदिर की स्थापत्य शैली में सजा भव्य पंडाल, तीन महीने से जुटे कोलकाता के कारीगर; 14 अक्टूबर की रात 8:30 बजे उद्घाटन, स्मारिका विमोचन और रात 9 बजे होगा लेजर शो

प्रयागराज। सौ साल की आस्था, परंपरा और भव्यता का सफर तय करने वाली बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी इस वर्ष अपना शताब्दी समारोह ऐतिहासिक अंदाज में मनाने जा रही है। प्रयागराज की प्राचीनतम और प्रतिष्ठित दुर्गा पूजा समितियों में शामिल इस बारवारी में शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। इस बार पूजा पंडाल श्रद्धालुओं को केरल के विश्वप्रसिद्ध पद्मनाभ स्वामी मंदिर की भव्य स्थापत्य शैली का दर्शन कराएगा। मंदिर की कलात्मक संरचना, भगवान विष्णु के विराट स्वरूप और विशेष सजावट के माध्यम से पंडाल को आकर्षक रूप दिया जा रहा है।

हर वर्ष अपनी भव्य साज-सज्जा, आकर्षक पंडाल और सांस्कृतिक आयोजनों से श्रद्धालुओं का ध्यान खींचने वाली बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी इस बार अपने सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर कुछ खास प्रस्तुत करने जा रही है। शताब्दी वर्ष को लेकर शहरवासियों और श्रद्धालुओं में उत्सुकता है। समिति की ओर से पंडाल निर्माण से लेकर विद्युत सजावट, धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक को विशेष स्वरूप दिया गया है।

तीन महीने से दिन-रात जुटे हैं कोलकाता के कारीगर

शताब्दी वर्ष के मुख्य आकर्षण के रूप में पूजा पंडाल को केरल स्थित पद्मनाभ स्वामी मंदिर की स्थापत्य शैली में तैयार किया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए कोलकाता से विशेष रूप से आए कारीगर पिछले करीब तीन महीने से दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पंडाल को भव्य और जीवंत रूप देने के लिए इसकी बनावट, सजावट और बारीक कलात्मक कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

समिति का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को पंडाल में प्रवेश करते ही दक्षिण भारत के प्रसिद्ध मंदिर की भव्यता और स्थापत्य कला की झलक देखने को मिले। सौ वर्ष की परंपरा से जुड़े इस आयोजन को खास बनाने के लिए पंडाल के हर हिस्से को आकर्षक रूप देने की तैयारी की गई है।

शयन मुद्रा में भगवान विष्णु का विराट स्वरूप बनेगा आकर्षण

पूजा संयोजक, मीडिया प्रभारी एवं जनसंपर्क अधिकारी लालू मित्तल और मयंक शुक्ला ने बताया कि इस बार पंडाल की थीम में पद्मनाभ स्वामी मंदिर के वैभव के साथ शयन मुद्रा में विराजमान भगवान विष्णु के विराट स्वरूप को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को मंदिर की धार्मिक मान्यता और भव्यता से जुड़ा दृश्यात्मक अनुभव देने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पद्मनाभ स्वामी मंदिर के तहखाने में छिपे अकूत खजाने और संपदा से जुड़ी प्रसिद्ध अवधारणा को भी पंडाल की थीम में आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने की तैयारी है। मंदिर की स्थापत्य शैली, भगवान विष्णु के दिव्य स्वरूप और खजाने से जुड़ी अवधारणा का संयोजन इस वर्ष के आयोजन को विशिष्ट बनाएगा।

शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने में जुटी समिति

बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी के अध्यक्ष जयंत श्रीधर जोशी, कार्यकारी अध्यक्ष राजू द्विवेदी, टी.पी. मिश्रा, राजेश मलिक और सुब्रतो घोष तथा सचिव रत्नेश पांडे, पवन शुक्ला और सुनील सिंह ने बताया कि शताब्दी वर्ष को लेकर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों में खासा उत्साह है।

उन्होंने कहा कि सौ वर्षों की गौरवशाली परंपरा को यादगार बनाने के लिए पूजा पंडाल, विद्युत सजावट, धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था की जा रही है। आयोजन को भव्य बनाने के लिए समिति के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।

समिति के अनुसार, बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि प्रयागराज की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्षों से यहां श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भागीदारी इस आयोजन के प्रति लोगों की गहरी आस्था और जुड़ाव को दर्शाती है। शताब्दी वर्ष में इसी परंपरा को और भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

14 अक्टूबर को होगा पंडाल का उद्घाटन, रात में लेजर शो

शताब्दी वर्ष उत्सव के क्रम में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, रात 8:30 बजे पूजा पंडाल का उद्घाटन किया जाएगा। इसके साथ ही दुर्गा पूजा स्मारिका का विमोचन भी होगा। रात 9 बजे से लेजर शो आयोजित किया जाएगा, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा।

समिति ने मोहल्ले के निवासियों और श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया है। पंडाल का उद्घाटन, स्मारिका विमोचन और लेजर शो शताब्दी समारोह की शुरुआत को खास बनाएंगे।

सौ साल की विरासत, नई पीढ़ी के लिए यादगार आयोजन

बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी का शताब्दी वर्ष केवल एक भव्य पंडाल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आस्था, सामुदायिक सहभागिता और शहर की सांस्कृतिक विरासत के सौ वर्षों का उत्सव है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर की थीम, कोलकाता के कारीगरों की मेहनत, भव्य विद्युत सजावट, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस आयोजन को विशेष पहचान देने जा रहे हैं।सौ वर्षों की परंपरा को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की तैयारी के साथ बाई का बाग दुर्गा पूजा बारवारी एक बार फिर प्रयागराज के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ने जा रही है। श्रद्धालुओं को अब शताब्दी वर्ष के इस भव्य आयोजन और विशेष पंडाल के दर्शन का इंतजार है।

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