50 हजार की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे अब भी पुलिस की पकड़ से दूर, हजरतगंज इंस्पेक्टर पहले ही लाइन हाजिर; 12 घंटे में ताबड़तोड़ फेरबदल से पुलिस महकमे में हलचल
लखनऊ। राजधानी के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपित मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने के बीच पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विक्रांत वीर को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रजनीश वर्मा को हजरतगंज से हटाकर एसीपी अपराध की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया जा चुका है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
शिवा शर्मा की मौत के मामले में 50 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे करीब दस से 11 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी में देरी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थाना स्तर तक हुए बदलाव को मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासनिक फेरबदल के बावजूद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार करना है।
चार एसीपी के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जारी आदेश के अनुसार, एसीपी कैसरबाग अभिषेक कुमार पाण्डेय को एसीपी हजरतगंज बनाया गया है। हजरतगंज में तैनात रजनीश वर्मा को एसीपी अपराध की जिम्मेदारी दी गई है। एसीपी कार्यालय में तैनात गौरव उपाध्याय को एसीपी कैसरबाग बनाया गया है। वहीं, एसीपी महानगर अंकित कुमार को महानगर के साथ कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
इन बदलावों से पहले हजरतगंज के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया गया था। अब डीसीपी विक्रांत वीर को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किए जाने और एसीपी स्तर पर फेरबदल के बाद मामले में पुलिस की भूमिका और कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फरार श्रद्धा ने हत्या से किया इनकार, सीसीटीवी जांच की मांग
दूसरी ओर, मामले में फरार चल रही श्रद्धा दुबे ने बातचीत के दौरान अपनी सफाई देते हुए दावा किया है कि शिवा शर्मा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी। उसने शिवा के कर्ज में डूबे होने को इसकी वजह बताया और कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच से उसकी बेगुनाही सामने आ सकती है। श्रद्धा ने घटना में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
श्रद्धा के मुताबिक, शिवा शर्मा करीब दो महीने पहले उसके घर पर रहने आया था। उसने यह भी स्वीकार किया कि इस दौरान उसके घर से आभूषण चोरी होने की बात सामने आई थी, लेकिन उसने इसे बहुत बड़ी घटना नहीं बताया। उसका कहना है कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज की जांच कर घटनाक्रम स्पष्ट करना चाहिए।
हालांकि, श्रद्धा के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में उसकी गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस महकमे में हुए बड़े फेरबदल के बाद सबकी निगाहें इनामी श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी और जांच की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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