मुक्ताराम बाबू स्ट्रीट के पंडाल में मची थी अफरा-तफरी, एग्जिट गेट का हिस्सा ढहने की बात; मुख्यमंत्री ने एसआईटी जांच और मुआवजे का किया ऐलान
कोलकाता। उत्तर कोलकाता के मुक्ताराम बाबू स्ट्रीट स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भीषण भगदड़ के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि कई श्रद्धालु घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले में पूजा आयोजन समिति के पदाधिकारियों, भीड़ प्रबंधन से जुड़े लोगों और निजी सुरक्षा कर्मियों सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना की जांच के लिए फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की है।
आयोजकों और सुरक्षा कर्मियों पर पुलिस की कार्रवाई
कोलकाता पुलिस ने भगदड़ की घटना के संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पूजा समिति के सचिव राजकुमार सेवदा, उपाध्यक्ष शांतनु दुबे और बांस के ढांचे के निर्माण से जुड़े बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय शामिल हैं।
इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए लगाए गए कौशिक साहा और पिंटू तथा निजी सुरक्षा प्रभारी सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले के सिलसिले में कुछ अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान आयोजन स्थल पर सुरक्षा प्रबंधों और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
भारी भीड़ के बीच मची भगदड़
यह हादसा उत्तर कोलकाता के मुक्ताराम बाबू स्ट्रीट इलाके में आयोजित दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ। जानकारी के मुताबिक, देवी की प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान पंडाल में अचानक अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
प्रारंभिक जानकारी में पंडाल के निकास द्वार के एक हिस्से के ढहने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के सटीक कारणों और भगदड़ की परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम
रविवार को फोरेंसिक टीम ने मुक्ताराम बाबू स्ट्रीट स्थित घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने हादसे से जुड़े साक्ष्यों की जांच की, ताकि भगदड़ के कारणों और घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने रात करीब एक बजे वहां की स्थिति का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों तथा आयोजन से जुड़े लोगों से बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
मृतकों के परिवारों को 25 लाख और सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की बात कही है। सरकार की ओर से घायलों को भी सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का ऐलान किया। जांच में हादसे के कारणों, आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और संभावित लापरवाही से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ प्रशासनिक जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि भीड़ नियंत्रण और निकास व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख
कोलकाता में हुई इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
हादसे के बाद पूजा आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित निकास मार्ग और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। अब पुलिस की जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और प्रस्तावित एसआईटी की पड़ताल से घटना के कारणों तथा जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों के सामने आने का इंतजार है।
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