2022 के विधानसभा चुनाव में आचार संहिता और कोविड नियमों के उल्लंघन का मामला, पेशी से छूट की अर्जी अदालत ने की खारिज
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में विधानसभा चुनाव-2022 के दौरान आदर्श आचार संहिता और कोविड-19 दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को अदालत ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश के बावजूद अनुपस्थित रहने पर समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर समेत तीन आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया। आरोपितों की ओर से पेशी से छूट के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को अदालत ने खारिज कर दिया।
मामले के अनुसार, 17 फरवरी 2022 को मछलीशहर थाने में तत्कालीन सपा प्रत्याशी डॉ. रागिनी सोनकर, सरवर राईन, मोहम्मद मुस्ताक, राजेश यादव, कैलाश सोनकर और 100 से 125 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि विधानसभा चुनाव के दौरान समर्थकों के साथ वाहन और पैदल जुलूस निकाला गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ। पुलिस के मुताबिक, जुलूस में झंडे और बैनर भी लहराए जा रहे थे। आरोप है कि समझाने के बावजूद निर्वाचन आयोग के निर्देशों और कोविड-19 संबंधी नियमों का पालन नहीं किया गया।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया था। सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद अदालत ने आरोपितों के बयान दर्ज करने के लिए सुनवाई की तारीख निर्धारित की थी। पिछली सुनवाई पर अदालत ने सभी आरोपितों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था।
शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान सरवर राईन और मोहम्मद मुस्ताक अदालत में उपस्थित हुए, जबकि डॉ. रागिनी सोनकर समेत तीन आरोपित गैरहाजिर रहे। डॉ. रागिनी सोनकर और कैलाश सोनकर की ओर से अदालत में पेशी से छूट देने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें विधानसभा की बैठक के सिलसिले में लखनऊ में होने के कारण अदालत में उपस्थित नहीं हो पाने का हवाला दिया गया।
हालांकि, अदालत ने आरोपितों की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद अनुपस्थित तीन आरोपितों के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया।
विधायक ने खबर को बताया भ्रामक
इस मामले में सपा विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने खबर को भ्रामक बताते हुए कहा कि लोगों को गुमराह करने के लिए इसे प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष 2022 का मामला है और उनके अधिवक्ता लगातार तारीखों पर अदालत में उपस्थित होकर कानूनी कार्रवाई में हिस्सा ले रहे हैं।विधायक के मुताबिक, मामले में अगली तारीख 22 अक्टूबर निर्धारित है। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में अपने अधिवक्ता से बात कर रही हैं और मामले को लेकर फैलाई जा रही खबर भ्रामक है।
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