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टेस्ला की उड़ने वाली कार का कमाल, हवा में पलटी और फिर सुरक्षित उतरी रोडस्टर

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इलॉन मस्क ने दिखाई दूसरी पीढ़ी की टेस्ला रोडस्टर, रॉकेट तकनीक की मदद से हवा में कलाबाजी का प्रदर्शन; 2028 में उत्पादन शुरू करने की योजना, एक सेकेंड से भी कम समय में 97 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने का दावा

डेस्क । दुनिया की सबसे चर्चित इलेक्ट्रिक कार कंपनियों में शामिल टेस्ला ने अपनी बहुप्रतीक्षित दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर कार का ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने उड़ने वाली कारों की कल्पना को फिर चर्चा में ला दिया है। कंपनी के प्रमुख इलॉन मस्क ने 15 अक्टूबर को टेक्सास के मैकग्रेगर स्थित स्पेसएक्स के परीक्षण केंद्र में कार का प्रदर्शन दिखाया, जिसकी खबरें 16 अक्टूबर को सामने आईं। प्रदर्शन के दौरान कार एक बड़े घुमावदार रैंप पर ऊपर चढ़ी, उल्टी हुई, हवा में उछली और फिर सुरक्षित जमीन पर उतर गई। इस अनोखे प्रदर्शन में टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियरों की संयुक्त तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

हालांकि, इसे पूरी तरह से व्यावसायिक रूप से उपलब्ध उड़ने वाली कार मानना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल यह प्रोटोटाइप और नियंत्रित परिस्थितियों में किया गया प्रदर्शन है। कंपनी ने इसके उत्पादन की योजना 2028 के लिए बताई है, लेकिन आम सड़कों पर इसके इस्तेमाल और उड़ान संबंधी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर कई सवाल अभी बाकी हैं।

रॉकेट तकनीक से हवा में उड़ने और कलाबाजी करने का दावा

SpaceX Falcon Heavy Carrying Tesla Roadster is Go for Launch

प्रदर्शन का सबसे रोमांचक हिस्सा तब सामने आया, जब रोडस्टर घुमावदार रैंप पर चढ़ते हुए उल्टी दिशा में चलती दिखाई दी। इसके बाद कार ने रैंप से हवा में छलांग लगाई और कलाबाजी करते हुए जमीन पर सुरक्षित उतर गई। कार्यक्रम में कार को दूसरी गाड़ियों के ऊपर से छलांग लगाते हुए दिखाने वाला प्रदर्शन भी शामिल था।

मस्क ने इस तकनीक को टेस्ला और स्पेसएक्स के इंजीनियरों के साझा प्रयास का नतीजा बताया। उनके मुताबिक, कार में रॉकेट जैसी प्रणोदन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह सामान्य कारों से अलग तरह की गतिविधियां कर सकती है।

कंपनी के प्रदर्शन में इस्तेमाल की गई तकनीक का उद्देश्य केवल कार को तेज गति देना नहीं, बल्कि जरूरत के मुताबिक उसे ऊपर उठाना और हवा में उसकी दिशा नियंत्रित करना भी है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान दिखाई गई क्षमताओं और भविष्य में ग्राहकों को मिलने वाले उत्पादन मॉडल की क्षमताओं में अंतर हो सकता है।

रॉकेट नहीं, उच्च दबाव वाली हवा से काम करेंगे थ्रस्टर्स

1 000 km d’autonomie et fusées à gaz froid : l’incroyable Tesla Roadster officiellement présentée le 1er octobre

रोडस्टर की उड़ान जैसी गतिविधियों के पीछे कोल्ड-गैस थ्रस्टर तकनीक बताई गई है। इसमें अत्यधिक दबाव में रखी हवा या गैस को विशेष नोजल के जरिए तेजी से बाहर निकाला जाता है। इससे विपरीत दिशा में बल पैदा होता है, जो वाहन को ऊपर उठाने या उसकी दिशा बदलने में मदद कर सकता है।

यह तकनीक अंतरिक्ष यान और उपग्रहों की दिशा नियंत्रित करने में इस्तेमाल होने वाली प्रणालियों से मिलती-जुलती है। इसमें सामान्य रॉकेट इंजन की तरह ईंधन जलाना जरूरी नहीं होता। हालांकि, पृथ्वी पर किसी कार को हवा में उठाना और संतुलित रखना अधिक चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उसे गुरुत्वाकर्षण और वायुमंडलीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

प्रदर्शन में कार को उल्टा रखने के लिए नीचे की ओर खिंचाव पैदा करने वाली पंखा-आधारित प्रणाली का भी इस्तेमाल किया गया। इसके बाद हवा में उठने और दिशा बदलने के लिए थ्रस्टर्स की भूमिका दिखाई गई।

मस्क के अनुसार, कार में अत्यधिक दबाव वाली हवा के भंडारण की व्यवस्था होगी। कंपनी के इंजीनियरों ने प्रदर्शन के दौरान दो विशेष टैंकों और कुल 10 नोजल का उल्लेख किया। हालांकि, इस व्यवस्था की वास्तविक क्षमता, लगातार इस्तेमाल की अवधि और उत्पादन मॉडल में इसकी उपलब्धता का स्वतंत्र परीक्षण अभी बाकी है।

0.81 सेकेंड में 97 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का दावा

रोडस्टर की सबसे बड़ी खासियतों में इसकी तेज गति पकड़ने की क्षमता भी शामिल है। कंपनी के इंजीनियरिंग प्रमुख लार्स मोरावी ने प्रदर्शन के दौरान दावा किया कि यह कार शून्य से 60 मील प्रति घंटे यानी लगभग 97 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार एक सेकेंड से भी कम समय में पकड़ सकती है। प्रदर्शन में 0.81 सेकेंड का आंकड़ा सामने आया।

यदि उत्पादन मॉडल वास्तविक परिस्थितियों में इस क्षमता को हासिल कर लेता है, तो यह कार की रफ्तार पकड़ने की क्षमता के लिहाज से असाधारण उपलब्धि होगी। लेकिन फिलहाल इसे कंपनी का दावा समझना चाहिए, न कि स्वतंत्र रूप से प्रमाणित रिकॉर्ड।

यहां दो बातों में अंतर समझना जरूरी है। पहली, कार कितनी तेजी से शुरुआती गति पकड़ती है और दूसरी, वह अधिकतम कितनी रफ्तार तक जा सकती है। ये दोनों अलग-अलग माप हैं।

370 किमी प्रति घंटे से अधिक अधिकतम रफ्तार का दावा

कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, रोडस्टर की अधिकतम रफ्तार 230 मील प्रति घंटे यानी लगभग 370 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हो सकती है। मस्क ने संकेत दिया कि भविष्य में इसकी गति को और बढ़ाने पर काम किया जा सकता है। उन्होंने मैक 0.5 यानी ध्वनि की गति के लगभग आधे तक पहुंचने का लक्ष्य भी चर्चा में रखा। यह करीब 617 किलोमीटर प्रति घंटे के बराबर हो सकता है, हालांकि वास्तविक गति वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।यह लक्ष्य अभी भविष्य की योजना है। इसे मौजूदा कार की प्रमाणित अधिकतम गति नहीं माना जाना चाहिए।

2028 में शुरू होगा उत्पादन, बुकिंग राशि भी चर्चा में

करीब नौ साल से चर्चा में रही दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर को लेकर मस्क ने अब 2028 में उत्पादन शुरू करने की योजना बताई है। कंपनी ने पहले भी इसकी लॉन्चिंग के लिए कई समयसीमाएं बताई थीं, लेकिन कार बाजार में नहीं आ सकी।

2017 में जब दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर की घोषणा हुई थी, तब इसके उत्पादन और ग्राहकों को डिलीवरी की योजना काफी पहले की थी। बार-बार देरी के कारण इसकी प्रतीक्षा लंबी होती गई।

बुकिंग के मामले में भी अलग-अलग संस्करणों का उल्लेख किया गया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के आरक्षण पृष्ठ पर प्रदर्शन संस्करण के लिए 50,000 डॉलर और थ्रस्टर्स वाले संस्करण के लिए 2,50,000 डॉलर की जमा राशि दिखाई गई। एक विशेष ‘रॉकेट’ संस्करण को आम बुकिंग के बजाय आमंत्रण के आधार पर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसलिए केवल एक बुकिंग राशि को सभी संस्करणों की कीमत मानना सही नहीं होगा।

क्या आम सड़क पर चला सकेंगे यह वाहन?

मस्क ने कहा है कि रोडस्टर को सड़क पर इस्तेमाल करने योग्य कार के रूप में विकसित करने की योजना है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इसकी सभी विशेषताएं हर क्षेत्र में कानूनी रूप से इस्तेमाल करने की अनुमति के अनुरूप हों, यह जरूरी नहीं है।

मस्क ने प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा कि कार को सुरक्षा के हर पहलू को प्राथमिकता देकर डिजाइन नहीं किया गया है। इससे साफ है कि इसकी उड़ान जैसी क्षमताओं को रोजमर्रा की ड्राइविंग के लिहाज से परखना जरूरी होगा। सड़क पर चलाने की अनुमति, यात्रियों की सुरक्षा और थ्रस्टर प्रणाली के खराब होने की स्थिति जैसे मुद्दों का समाधान होना बाकी है।

इसलिए फिलहाल इसे ऐसी कार के रूप में देखना ज्यादा उचित है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक और अंतरिक्ष यान की प्रणोदन प्रणाली को मिलाकर नए प्रयोग किए जा रहे हैं। यह अभी पारंपरिक अर्थों में विमान या हेलीकॉप्टर जैसी लगातार उड़ान भरने वाली कार साबित नहीं हुई है। अब तक दिखाया गया प्रदर्शन कुछ समय के लिए नियंत्रित परिस्थितियों में हवा में उठने, घूमने और उतरने तक सीमित है।

टेस्ला की पहली रोडस्टर से अब तक का सफर

2008 TESLA ROADSTER - Front 3/4 - 226136

टेस्ला ने अपनी पहली रोडस्टर वर्ष 2008 में पेश की थी। यह कंपनी का पहला इलेक्ट्रिक वाहन था और इसका ढांचा ब्रिटिश स्पोर्ट्स कार लोटस एलिस पर आधारित था। पहली रोडस्टर का उत्पादन 2012 तक चला।

इसके बाद नवंबर 2017 में मस्क ने दूसरी पीढ़ी की रोडस्टर की घोषणा की। उस समय इसे अत्यधिक तेज गति वाली इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स कार के रूप में पेश किया गया था और ग्राहकों से बुकिंग भी ली गई थी। लेकिन उत्पादन की समयसीमा कई बार आगे बढ़ी।

अब 2026 में हुए नए प्रदर्शन ने इस कार को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। इस बार चर्चा सिर्फ इसकी गति की नहीं, बल्कि स्पेसएक्स से जुड़ी तकनीक के सहारे हवा में कलाबाजी करने की क्षमता की भी है।

क्या सच में बदल जाएगी कारों की दुनिया?

टेस्ला की रोडस्टर का प्रदर्शन तकनीकी दृष्टि से आकर्षक जरूर है, लेकिन इसे भविष्य की आम उड़ने वाली कारों की शुरुआत मानने से पहले कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। इनमें सुरक्षा, लागत, तकनीक की विश्वसनीयता, हवा में नियंत्रण और कानूनी मंजूरी प्रमुख हैं।

यदि टेस्ला 2028 तक उत्पादन मॉडल में इन क्षमताओं को सुरक्षित और व्यावहारिक तरीके से उपलब्ध करा पाती है, तो यह वाहन तकनीकी नवाचार की दिशा में एक उल्लेखनीय प्रयोग साबित हो सकता है। लेकिन फिलहाल इसकी उड़ान संबंधी क्षमताओं को कंपनी के प्रदर्शन और दावों के संदर्भ में ही देखना चाहिए।

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