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45 किलो गांजे के साथ बिहार के दो तस्कर गिरफ्तार, वाहन समेत लाखों का माल बरामद

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एएनटीएफ थाना गाजीपुर की कार्रवाई, देवरिया में गांजा बेचने जा रहे थे आरोपी; बलिया के सिकंदरपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

लखनऊ । अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) थाना गाजीपुर की टीम ने दो कथित गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 45 किलोग्राम अवैध गांजा, एक चार पहिया वाहन, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 960 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद गांजे की कीमत को लेकर जारी प्रेस नोट में अलग-अलग आंकड़े दिए गए हैं। शीर्षक में इसकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये, जबकि विस्तृत विवरण में 22 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था और अपर पुलिस महानिदेशक अपराध के मार्गदर्शन तथा पुलिस महानिरीक्षक एएनटीएफ लखनऊ के निर्देशन में की गई। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बलिया जिले के सिकंदरपुर थाने में मुकदमा संख्या 254/2026 दर्ज कराया गया है। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29/60 के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।

बिहार के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी

एएनटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित सिन्हा उर्फ शुभम सिन्हा उर्फ छोटू पुत्र अखौरी बिमल कुमार और विकास कुमार यादव पुत्र जयशंकर यादव के रूप में हुई है। दोनों बिहार के बक्सर जिले के निवासी बताए गए हैं।

अमित सिन्हा उर्फ शुभम सिन्हा उर्फ छोटू का पता वीर कुंवर सिंह कॉलोनी, नगर बक्सर, बिहार बताया गया है। वहीं, विकास कुमार यादव चंदरपुरा, ब्रह्मपुर, बक्सर, बिहार का निवासी है।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने के बाद उनके कब्जे से 45 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इसके अतिरिक्त तस्करी में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी वाले एक चार पहिया वाहन, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 960 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

बिहार से सस्ते दाम पर गांजा लाकर बेचने का दावा

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे बिहार से कम कीमत पर गांजा खरीदकर लाते थे और उसे देवरिया तथा आसपास के क्षेत्रों में अपने ग्राहकों को बेचते थे। आरोपियों के अनुसार, बिक्री से होने वाले मुनाफे को वे आपस में बांट लेते थे और अपने शौक पूरे करने में खर्च करते थे।

पुलिस के मुताबिक, घटना के दिन भी दोनों गांजा बेचने के लिए देवरिया जा रहे थे, तभी उन्हें पकड़ लिया गया। हालांकि, इन बयानों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

तस्करी नेटवर्क की पड़ताल में जुटी टीम

एएनटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान तस्करी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। अब इन जानकारियों के आधार पर गांजे की आपूर्ति के स्रोत और उसके वितरण नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे और पीछे की कड़ियों यानी फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंकेज पर काम किया जा रहा है।

जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजे की आपूर्ति में कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसे किन क्षेत्रों में पहुंचाया जाना था। पुलिस ने बताया कि इस अवैध कारोबार में संलिप्त अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

इस मामले में बलिया जिले के सिकंदरपुर थाने में मुकदमा संख्या 254/2026 दर्ज कराया गया है। आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) की धारा 8/20/29/60 के तहत कार्रवाई की जा रही है।एएनटीएफ की इस कार्रवाई के बाद जांच का दायरा गांजे की बरामदगी से आगे बढ़कर कथित आपूर्ति और बिक्री नेटवर्क तक पहुंच गया है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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