25 हजार की इनामी श्रद्धा ने वीडियो जारी कर कहा—‘मैं बेगुनाह हूं, पुलिस को बताऊंगी पूरी सच्चाई’; दूसरी ओर मां ने लगाए गंभीर आरोप, जांच में डायरी और ऑडियो की भूमिका अहम
लखनऊ। शिवा शर्मा की मौत का मामला अब कई सवालों के बीच उलझता नजर आ रहा है। एक तरफ शिवा की मां रंजना शर्मा अपने बेटे के साथ कथित तौर पर हुए व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगा रही हैं, तो दूसरी ओर इस मामले की मुख्य आरोपी बताई जा रही 25 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया है। श्रद्धा का दावा है कि शिवा ने आत्महत्या की थी, उसकी हत्या नहीं हुई। उसने पुलिस के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने की इच्छा भी जताई है। इन विरोधाभासी दावों के बीच अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर टिकी हैं।
कैमरे पर आई श्रद्धा, बोली—मेरा नाम उछालना बंद कीजिए
बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में श्रद्धा दुबे लोगों से अपील करती नजर आई कि बिना किसी ठोस आधार के उसका नाम नेताओं, अधिकारियों या दूसरे लोगों के साथ न जोड़ा जाए। उसने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को फॉलो करने या इंस्टाग्राम पर संपर्क होने का मतलब यह नहीं है कि उससे कोई खास संबंध है।
श्रद्धा ने अपने वीडियो में दावा किया कि वह गायब नहीं है और पुलिस के सामने जाकर बयान देना चाहती है। उसका कहना है कि वह जांच अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी देगी, लेकिन फिलहाल उसकी शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है। उसने यह भी कहा कि वह अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है और परिस्थितियों का सामना करने में परेशानी हो रही है।
सबसे अहम बात यह है कि श्रद्धा ने शिवा की मौत को हत्या के बजाय आत्महत्या बताया। उसने दावा किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। हालांकि, यह श्रद्धा का अपना पक्ष है। मौत की असली वजह और घटना की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
शिवा की डायरी में दर्ज थी उसकी परेशानी?
इस मामले में शिवा की मां रंजना शर्मा का बयान जांच को एक नया पहलू देता है। रंजना के मुताबिक, उनका बेटा रोज डायरी लिखता था। वह दिनभर की गतिविधियों के साथ अपनी परेशानियों का भी जिक्र करता था। मां का दावा है कि शिवा ने डायरी में खुद के मानसिक रूप से परेशान होने और श्रद्धा के व्यवहार से जुड़ी बातें लिखी थीं।
यदि डायरी में दर्ज विवरणों की पुष्टि होती है, तो वे शिवा की परिस्थितियों को समझने में अहम साबित हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस डायरी को विवेचना में शामिल करेगी। अब यह जांच का विषय होगा कि उसमें क्या लिखा है, घटनाओं से उसका क्या संबंध है और उसमें दर्ज बातों की पुष्टि दूसरे साक्ष्यों से होती है या नहीं।
रंजना शर्मा ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनके मुताबिक, बेटे की मौत से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दोस्तों से दूरी और दबाव बनाने के आरोप
रंजना शर्मा का आरोप है कि श्रद्धा उनके बेटे को परिवार और दोस्तों से दूर रखना चाहती थी। उन्होंने दावा किया कि शिवा को अपने मित्रों से मिलने तक नहीं दिया जाता था। परिजनों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि श्रद्धा कथित तौर पर अपने प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की बात कहकर शिवा पर दबाव बनाती थी।
परिजनों का कहना है कि शिवा इस रिश्ते में उलझ गया था और कई काम उसी से करवाए जाते थे। पार्टियों में होने वाले खर्च का भुगतान भी कथित तौर पर शिवा करता था।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल होने की बात सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि इसमें श्रद्धा शिवा से अभद्रता करती और उसे जेल भेजने की धमकी देती सुनाई देती है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता, बातचीत का पूरा संदर्भ और उसमें मौजूद आवाजों की पहचान की पुष्टि जरूरी है। इन दावों को अभी जांच के नजरिये से ही देखा जाना चाहिए।
ऋषभ राय से जुड़ा ऑडियो भी जांच के दायरे में?
मामले में ऋषभ राय से संबंधित एक अन्य कथित ऑडियो मिलने की जानकारी भी सामने आई है। दावा है कि इसमें शिवा को धमकी दी जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि संबंधित बातचीत के समय ऋषभ जेल में था, लेकिन इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यदि ऑडियो की सत्यता स्थापित होती है, तो बातचीत का समय, उसमें इस्तेमाल किए गए शब्द और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस के लिए यह स्पष्ट करना जरूरी होगा कि रिकॉर्डिंग असली है या नहीं और उसका शिवा की मौत से कोई सीधा संबंध बनता है या नहीं।
नेपाल तक पहुंची तलाश की चर्चा
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि पुलिस की एक टीम नेपाल में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। रश्मि के एक करीबी को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इन घटनाक्रमों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
श्रद्धा का वीडियो जारी कर खुद को गायब नहीं बताना और पुलिस के सामने पेश होने की इच्छा जताना मामले को और चर्चा में ले आया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह वास्तव में जांच अधिकारियों के सामने कब और किस तरह अपना पक्ष रखती है। उसके दावों की पुष्टि या खंडन पुलिस जांच से ही संभव होगा।
एसयूवी के तीन चालान भी चर्चा में
शिवा मामले के बीच श्रद्धा की एसयूवी के तीन लंबित ओवरस्पीड चालानों का विवरण भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पहला चालान 19 जून 2025 को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 142 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चलाने के मामले में हुआ था।
दूसरा चालान 14 अप्रैल 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे पर किया गया था। तीसरा चालान 8 अगस्त 2026 को यमुना एक्सप्रेसवे पर 123 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन चलाने के मामले में बताया गया है।
फिलहाल इन चालानों का शिवा की मौत से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। इसलिए इन्हें यातायात नियमों से जुड़े अलग तथ्य के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल—शिवा की मौत कैसे हुई?
इस पूरे मामले में दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। शिवा की मां अपने बेटे की परेशानी और श्रद्धा के कथित व्यवहार का हवाला देकर कार्रवाई की मांग कर रही हैं। वहीं श्रद्धा दुबे खुद को निर्दोष बताते हुए शिवा की मौत को आत्महत्या करार दे रही है और पुलिस के सामने बयान देने की बात कह रही है।
अब जांच में शिवा की डायरी, कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की अहम भूमिका हो सकती है। इन सभी की पुष्टि के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि घटना के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और किसकी क्या भूमिका रही।फिलहाल इस मामले में वायरल वीडियो या किसी एक पक्ष के दावे को अंतिम सच नहीं माना जा सकता। शिवा की मौत का रहस्य सुलझाने के लिए निष्पक्ष जांच और आधिकारिक तथ्यों का सामने आना सबसे जरूरी है।
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