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आरा में सुबह-सुबह गोलियों से गूंजा इलाका, रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की हत्या, बेटे के सामने बरसाईं गोलियां

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जैन कॉलेज गेट के पास वारदात, पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर रामकुमार सिंह को मारी गईं आठ गोलियां; परिजनों ने जमीन माफियाओं पर लगाया हत्या का आरोप

आरा (बिहार)। बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में गुरुवार सुबह बेखौफ हथियारबंद अपराधियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले कस्टम विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। नवादा थाना क्षेत्र में जैन कॉलेज के गेट के पास हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने पूर्व अधिकारी पर बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग की और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उन्हें आठ गोलियां मारी गईं।

दिन निकलने से पहले हुई इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय लोग सुबह की सैर के लिए घरों से निकल रहे थे, उसी दौरान हथियारबंद अपराधियों ने एक सेवानिवृत्त अधिकारी को निशाना बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल रामकुमार सिंह को आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जैन कॉलेज गेट के पास घेरकर की फायरिंग

मृतक की पहचान 67 वर्षीय रामकुमार सिंह के रूप में हुई है। वह भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव के निवासी थे और कस्टम विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत रहे थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह वर्ष 2015 में भागलपुर से सेवानिवृत्त हुए थे।

बताया गया कि रामकुमार सिंह रोजाना सुबह अपने बेटे राजेश कुमार के साथ कार से निकलते थे और रमना मैदान की ओर मॉर्निंग वॉक के लिए जाते थे। गुरुवार सुबह भी उनकी दिनचर्या रोज की तरह थी। इसी दौरान जैन कॉलेज गेट के पास तीन हथियारबंद अपराधियों ने उन पर हमला कर दिया।

परिजनों के मुताबिक, रामकुमार सिंह कार से बाहर निकले ही थे और उनका बेटा गाड़ी में बैठा हुआ था। तभी हमलावरों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोली लगने से रामकुमार सिंह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, जबकि हमलावर वारदात के बाद भाग निकले।

कार में बैठे बेटे की बची जान

हत्या के समय रामकुमार सिंह के बेटे राजेश कुमार भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वह रोज की तरह अपने पिता के साथ सुबह टहलने के लिए निकले थे। घटना के वक्त वह कार में बैठे हुए थे, इसलिए उनकी जान बच गई।

राजेश कुमार के मुताबिक, उनके पिता कार से बाहर निकले थे और गाड़ी का दरवाजा बंद कर रहे थे। तभी तीन हथियारबंद अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। अचानक हुए हमले से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला।

बेटे के सामने हुई इस वारदात ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद परिजनों ने हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई है और कुछ जमीन माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

जमीन विवाद में हत्या की आशंका, पहले भी धमकी मिलने का दावा

रामकुमार सिंह के बेटे राजेश कुमार ने दावा किया कि आरा के सिंगही मोड़ के पास एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने कथित तौर पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी। इस मामले में उनके पिता ने पुलिस थाने में शिकायत भी की थी।

परिवार का आरोप है कि जमीन विवाद को लेकर पहले भी उनके पिता पर जानलेवा हमले हुए थे। परिजनों ने आशंका जताई है कि इसी विवाद के चलते उनकी हत्या की गई। हालांकि, जमीन माफियाओं की संलिप्तता से जुड़ा यह आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। हत्या की वास्तविक वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सदर एसडीपीओ-1 सुशील कुमार ने बताया कि शुरुआती जानकारी में जमीन विवाद की बात सामने आई है। मृतक की पत्नी और बेटे ने भी इसी विवाद की आशंका जताई है। पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े थे रामकुमार सिंह

सेवानिवृत्ति के बाद रामकुमार सिंह सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय बताए जाते थे। वह रोटरी क्लब के पूर्व सचिव रह चुके थे और वर्तमान में भी क्लब से जुड़े थे। इसके अलावा उनका संबंध एक क्षत्रिय संगठन से भी बताया गया है।

एक सेवानिवृत्त अधिकारी की दिनदहाड़े हुई हत्या से इलाके में चिंता का माहौल है। पुलिस अब हमलावरों की पहचान करने, वारदात के पीछे की वजह का पता लगाने और जमीन विवाद से जुड़े पहलुओं की जांच में जुटी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिजनों के बयानों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सुबह की नियमित दिनचर्या के दौरान रामकुमार सिंह को किसने निशाना बनाया और क्या इस हत्या का संबंध वास्तव में जमीन विवाद से है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।

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