एएनटीएफ बरेली की टीम ने बदायूं के अलापुर-मियाऊ रोड पर की कार्रवाई, पांच किलो अफीम, दो मोबाइल और नकदी बरामद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एएनटीएफ यूनिट बरेली ने शनिवार को दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया। टीम ने उनके कब्जे से पांच किलो अवैध अफीम बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और 220 रुपये नकद भी मिले हैं। शुरुआती पूछताछ में एक संगठित गिरोह से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
एएनटीएफ टीम प्रभारी उपनिरीक्षक विकास यादव के मुताबिक, शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग बदायूं जिले में अलापुर-मियाऊ रोड से अवैध अफीम लेकर उसे बेचने के लिए कहीं जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने स्थानीय पुलिस और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर कार्रवाई की योजना बनाई।
घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा
मुखबिर की सूचना के आधार पर एएनटीएफ टीम मौके पर पहुंची और संदिग्धों की घेराबंदी की। इस दौरान दो लोगों को पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उनके पास से पांच किलो अवैध अफीम, दो मोबाइल फोन और 220 रुपये नकद बरामद हुए।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बदायूं जिले के अलापुर थाना क्षेत्र के कुन्दन नगला गांव निवासी धर्मवीर सिंह यादव, पुत्र ओमप्रकाश, और बिहार के गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के वजीरगंज गांव निवासी अमित विश्वकर्मा, पुत्र स्वर्गीय अनिल विश्वकर्मा के रूप में हुई है।
बिहार के डॉक्टर को बताया बड़ा सप्लायर
एएनटीएफ के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर एक संगठित तस्करी गिरोह से जुड़े होने की जानकारी दी। टीम का कहना है कि आरोपियों ने बिहार के गया निवासी एक व्यक्ति को गिरोह का बड़ा सप्लायर बताया है, जो पेशे से डॉक्टर बताया जा रहा है। आरोपियों ने उसके निर्देश पर तस्करी का धंधा चलाने की बात स्वीकार की है।
हालांकि, कथित सप्लायर की भूमिका और गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और संबंधित एजेंसियां तस्करी के नेटवर्क तथा अफीम की आपूर्ति के स्रोत का पता लगाने में जुट सकती हैं।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में एएनटीएफ टीम प्रभारी उपनिरीक्षक विकास यादव के साथ कांस्टेबल अंकित यादव, सौरभ चौधरी, कुश कुमार, रसरविन्द्र चौधरी, नीरज चौधरी, विनीत कुमार और महिला कांस्टेबल रिजवाना शामिल रहीं। स्थानीय पुलिस की ओर से उपनिरीक्षक विनोद कुमार और मुख्य आरक्षी अजय कुंडू ने सहयोग किया। सर्विलांस टीम के मुख्य आरक्षी अजय कुमार और अश्विनी कुमार भी कार्रवाई में शामिल रहे।
एएनटीएफ के अनुसार, बरामद पांच किलो अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये है। इस बरामदगी के बाद तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच के दौरान अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है।
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