डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा- ‘डिजिटल अरेस्ट’ जागरूकता फिल्म में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा
लखनऊ। प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार और समाजसेवी पद्मश्री नाना पाटेकर के निधन पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर का गुरुवार को गोवा स्थित उनके आवास पर हृदय गति रुकने से निधन हो गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने अपने शोक संदेश में कहा कि पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। अपने सशक्त और बहुआयामी अभिनय के माध्यम से उन्होंने भारतीय सिनेमा में विशिष्ट पहचान बनाई और दर्शकों के मन में अमिट छाप छोड़ी।
डीजीपी ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर जागरूकता के लिए बनाई गई लघु फिल्म ‘स्कैम फाइल्स: डिजिटल अरेस्ट’ में नाना पाटेकर के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक घटना पर आधारित इस फिल्म में नाना पाटेकर की प्रभावशाली प्रस्तुति सदैव स्मरणीय रहेगी।
राजीव कृष्ण ने कहा कि लखनऊ में फिल्म के लोकार्पण समारोह में नाना पाटेकर की गरिमामयी उपस्थिति के लिए वह उनके हृदय से आभारी हैं। वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ उनकी यह सार्वजनिक प्रस्तुति भी उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार के लिए हमेशा यादगार रहेगी। उन्होंने नाना पाटेकर के शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
साइबर ठगी के खिलाफ जागरूकता का संदेश
उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से वास्तविक घटना पर आधारित लघु फिल्म ‘स्कैम फाइल्स: डिजिटल अरेस्ट’ तैयार की थी। इस फिल्म में नाना पाटेकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। फिल्म का निर्देशन राज शांडिल्य ने किया था और इसकी पटकथा उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के जनसंपर्क अधिकारी राहुल श्रीवास्तव ने लिखी थी। यह फिल्म 5 मिनट 27 सेकंड की है और सोशल मीडिया के माध्यम से जारी की गई थी।
फिल्म के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी के एक गंभीर तरीके के प्रति सचेत किया गया। इसमें बताया गया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसी, न्यायालय या किसी अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल या फोन के माध्यम से डराना और धनराशि की मांग करना साइबर ठगी का संकेत हो सकता है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोगों से ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित एजेंसियों से तत्काल संपर्क करने की अपील की है। फिल्म में नाना पाटेकर की प्रभावशाली प्रस्तुति के जरिए इस संदेश को आम लोगों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया गया।
लखनऊ में कार्यक्रम में शामिल हुए थे नाना पाटेकर
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, 14 अगस्त 2026 को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में नाना पाटेकर ने हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता प्रयासों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना की थी।
पुलिस के मुताबिक, इस कार्यक्रम में नाना पाटेकर की मौजूदगी और उनकी भागीदारी साइबर अपराध के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान के लिए महत्वपूर्ण रही। उनके निधन के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके इस सहयोग को विशेष रूप से याद किया है।
फिल्म को मिले करीब 1.90 करोड़ दृश्य
उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, नाना पाटेकर अभिनीत ‘स्कैम फाइल्स: डिजिटल अरेस्ट’ को विभिन्न डिजिटल माध्यमों पर व्यापक दर्शक मिले हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया मंचों पर फिल्म को कुल करीब 24.89 लाख बार देखा गया और करीब 57.6 हजार पसंद मिले हैं।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, यूट्यूब पर फिल्म को करीब 14 लाख बार देखा गया और 21 हजार पसंद मिले। एक्स पर करीब 1.764 लाख बार देखा गया और 1.2 हजार पसंद मिले। इंस्टाग्राम पर करीब 8.106 लाख बार देखा गया और 32.9 हजार पसंद मिले, जबकि फेसबुक पर करीब 1.02 लाख बार देखा गया और 2.5 हजार पसंद मिले।
इसके अलावा अन्य डिजिटल माध्यमों पर फिल्म को करीब 1.65 करोड़ अतिरिक्त दृश्य मिले हैं। इस तरह सभी डिजिटल माध्यमों को मिलाकर फिल्म को अब तक करीब 1.90 करोड़ बार देखा जा चुका है।
नाना पाटेकर के योगदान को किया याद
उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि नाना पाटेकर ने साइबर अपराध के खिलाफ इस जन-जागरूकता अभियान से जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान दिया और गंभीर विषय को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में मदद की। पुलिस परिवार के मुताबिक, अभियान में उनकी सहभागिता और सहयोग सदैव स्मरणीय रहेगा।
नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक लंबे करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ रंगमंच पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों और पद्मश्री समेत कई सम्मान मिले। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली।
उत्तर प्रदेश पुलिस परिवार ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा और कला जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके विलक्षण अभिनय, सामाजिक सरोकारों और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता अभियान में योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। पुलिस परिवार ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिजनों और उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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