बाढ़ के तेज बहाव में बहकर आए शव, जिला अस्पताल के डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखे गए; पहचान के लिए नेपाल के सीमावर्ती जिलों से संपर्क में प्रशासन
कुशीनगर। नेपाल में आई भीषण बाढ़ की त्रासदी का असर अब उत्तर प्रदेश के कुशीनगर तक दिखाई देने लगा है। नेपाल में नारायणी के नाम से जानी जाने वाली गंडक नदी के तेज बहाव के साथ अब तक सात अज्ञात शव कुशीनगर के नदी क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। शवों की पहचान नहीं हो पाने से अपनों की तलाश कर रहे परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। वहीं, प्रशासन शवों की पहचान कराने के प्रयास में जुटा है।
कुशीनगर के अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा ने शनिवार को बताया कि नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी के विभिन्न क्षेत्रों से अब तक सात अज्ञात शव बरामद किए जा चुके हैं। सभी शवों को जिला अस्पताल के डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है। पहचान होने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक शवों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।
नेपाल के सीमावर्ती जिलों से संपर्क
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शवों की पहचान करने की है। इसके लिए कुशीनगर जिला प्रशासन नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के लगातार संपर्क में है। संभावित रूप से लापता लोगों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि बरामद शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाया जा सके।
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। ऐसे में गंडक नदी के बहाव के साथ शवों के भारत पहुंचने की आशंका पहले से बनी हुई थी। प्रशासन नदी क्षेत्र में सामने आने वाली ऐसी घटनाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पहचान के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे शव
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि शवों की पहचान होने के बाद सभी आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद मृतकों के शव पूरे सम्मान के साथ उनके परिजनों अथवा अधिकृत प्रतिनिधि को सौंपे जाएंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में मानवीय संवेदनाओं और मृतकों की गरिमा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। फिलहाल सातों शवों को सुरक्षित रखा गया है और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से उनकी पहचान कराने की प्रक्रिया जारी है।
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