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सुपौल में कीर्तन कर रहे लोगों को तेज रफ्तार वाहन ने रौंदा, पांच की मौत, एक गंभीर

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झूलन पूजा के दौरान सड़क किनारे बैठे थे लोग, अनियंत्रित वाहन 50 मीटर तक कुचलता हुआ दुकान में घुसा

सुपौल। बिहार के सुपौल जिले में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पांच परिवारों में मातम पसार दिया। पिपरा थाना क्षेत्र के कटैया चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई किनारे बजरंगबली मंदिर के समीप झूलन पूजा के दौरान कीर्तन कर रहे लोगों को एक तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने कुचल दिया। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

अनियंत्रित होकर लोगों को रौंदता हुआ दुकान में घुसा वाहन

जानकारी के मुताबिक, कटैया चौक के पास कुछ लोग झूलन पूजा के अवसर पर सड़क किनारे बैठकर कीर्तन कर रहे थे। इसी दौरान पिपरा की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहा चार पहिया वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। वाहन ने सड़क किनारे कीर्तन कर रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।

टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन लोगों को कुचलते हुए करीब 50 मीटर तक आगे चला गया और इसके बाद सड़क किनारे स्थित एक दुकान में जा घुसा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

पांच लोगों की मौके पर मौत

दुर्घटना में तिलाई दास (65), राजू दास (50), सुरेंद्र यादव (45), भुवनेश्वरी यादव उर्फ कोयली यादव और कृष्ण मोहन साह की मौत हो गई। वहीं रामचंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी मृतक कटैया पंचायत के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस ने वाहन कब्जे में लेकर शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पिपरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और वाहन अनियंत्रित होने की वजह क्या थी, इसका पता लगाया जा रहा है।

हादसे के बाद जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

अतिक्रमण हटाने की मांग, ग्रामीणों में आक्रोश

पांच लोगों की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण और अस्थायी दुकानें होने के कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित होता है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण और अस्थायी दुकानों को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराकर यातायात व्यवस्था बेहतर की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

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