लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े दो अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं, बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा या दुर्व्यवहार करने वाली संतान और आश्रित रिश्तेदारों के खिलाफ संपत्ति से बेदखली की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया गया है।
25 लाख युवाओं को मिलेंगे मुफ्त टैबलेट
कैबिनेट ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित संस्थाओं को क्रय आदेश जारी किए जाएंगे और पात्र युवाओं को टैबलेट निशुल्क दिए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा और आईटीआई सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र युवाओं को लाभ मिलेगा।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि टैबलेट मिलने से युवाओं को ऑनलाइन पढ़ाई, कौशल प्रशिक्षण, सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी सेवाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं की डिजिटल क्षमता और रोजगारपरक दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
बुजुर्गों से दुर्व्यवहार पर संपत्ति से बेदखली का रास्ता साफ
कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014’ में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत नियम 22 में 22क, 22ख और 22ग जोड़े जाएंगे।
नए प्रावधानों के अनुसार यदि कोई संतान या आश्रित रिश्तेदार वरिष्ठ नागरिक का भरण-पोषण नहीं करता या उसके साथ दुर्व्यवहार करता है, तो बुजुर्ग संबंधित व्यक्ति को अपनी संपत्ति से बेदखल कराने की कार्रवाई कर सकेंगे।
30 दिन में होगी शिकायत की सुनवाई
बेदखली की प्रक्रिया को स्पष्ट और समयबद्ध बनाया गया है। वरिष्ठ नागरिक ऐसे मामलों में जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत कर सकेंगे। शिकायतों की सुनवाई 30 दिन के भीतर किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा जिला मजिस्ट्रेट को ऐसे मामलों की मासिक रिपोर्ट शासन को भेजनी होगी।
सरकार जल्द ही वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी करेगी। इसका उद्देश्य उन बुजुर्गों को मदद उपलब्ध कराना है, जो स्वयं अपनी शिकायत दर्ज कराने की स्थिति में नहीं हैं।
सरकार के अनुसार, नियमों में यह बदलाव वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने, उनके संपत्ति संबंधी अधिकारों की रक्षा करने और उपेक्षा व दुर्व्यवहार की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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