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यूपी में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बड़ा इजाफा, अब हर महीने मिलेंगे 25 हजार रुपये

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योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, 20 हजार से अधिक एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न को मिलेगा लाभ; स्टाइपेंड में 108 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न डॉक्टरों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इंटर्न डॉक्टरों के मासिक स्टाइपेंड को 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे 20 हजार से अधिक इंटर्न डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रत्येक इंटर्न को हर महीने 13 हजार रुपये अतिरिक्त स्टाइपेंड मिलेगा।

12 हजार से बढ़कर 25 हजार हुआ स्टाइपेंड

सरकार के मुताबिक इंटर्न डॉक्टरों को पहले 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता था। वर्ष 2021 में इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया गया था। अब एक बार फिर इसमें बड़ा इजाफा करते हुए स्टाइपेंड 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

इस तरह मौजूदा 12 हजार रुपये के स्टाइपेंड की तुलना में 108 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्ष 2021 में तय राशि के मुकाबले अब इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 13 हजार रुपये अधिक मिलेंगे।

अस्पतालों में निभाते हैं अहम जिम्मेदारी

रोटेटिंग इंटर्नशिप के दौरान एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न डॉक्टर अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। वे ओपीडी, वार्ड, आपातकालीन सेवाओं और रात्रिकालीन ड्यूटी में मरीजों की देखभाल में योगदान देते हैं।

ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित अस्पतालों में भी इंटर्न डॉक्टर स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का मानना है कि स्टाइपेंड बढ़ने से इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।

स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी

इंटर्न डॉक्टर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और चिकित्सकीय सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने में उनकी भूमिका अहम रहती है। सरकार के इस फैसले को इंटर्न डॉक्टरों के लिए आर्थिक राहत के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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