पुलिस अधीक्षक मुख्यालय आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती की संदिग्ध मौत की गुत्थी उलझी, पोस्टमार्टम में कारण स्पष्ट नहीं; बाहर से बंद मिली कुंडी ने बढ़ाए सवाल
लखनऊ। 91 साल की इंद्रावती की मौत ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब फिलहाल पुलिस के पास भी नहीं है। घर के अंदर उनका शव मिला, मुंह से खून निकल रहा था, शरीर पर चोट के निशान थे और सबसे अहम बात—उनके जेवर गायब थे। पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। अब पुलिस हत्या, लूट और दूसरी संभावनाओं के बीच इस रहस्य को सुलझाने में जुटी है।
इंद्रावती उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के पद पर तैनात आशुतोष मिश्रा की मां थीं। वह मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा धमरूआ गांव स्थित अपने घर में रहती थीं। रविवार सुबह करीब 10 बजे घर में उनका शव मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मौत का कारण पोस्टमार्टम में भी नहीं मिला
इंद्रावती के शव का रविवार देर रात राजकीय मेडिकल कॉलेज सदरपुर में पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई। हालांकि, शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान जरूर मिले हैं।मौत की असली वजह पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। हृदय को भी जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं हृदयाघात या किसी अन्य प्राकृतिक कारण से तो उनकी मौत नहीं हुई।यहीं से इस मामले का सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—अगर मौत प्राकृतिक थी तो शरीर पर चोट के निशान और गायब जेवर की वजह क्या है?
जेवर गायब, इसलिए हत्या-लूट का एंगल
आशुतोष मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने हत्या और लूट की प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के लिए फिलहाल जेवर गायब होना जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है।अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन प्रवीण कुमार के मुताबिक, मौत के कारणों की जांच अभी जारी है और कुछ संदिग्ध पुलिस की निगरानी में हैं।सोमवार को SOG, निगरानी और फोरेंसिक टीम ने दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने वहां उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने की कोशिश की।
बंद दरवाजे ने बढ़ाई पुलिस की उलझन
जांच के दौरान घर की परिस्थितियों ने भी पुलिस के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, इंद्रावती जब गांव आती थीं तो अक्सर दालान में सोती थीं और घर का छोटा दरवाजा भी आमतौर पर खुला रहता था।लेकिन घटना वाली रात वह घर के हॉल में क्यों सो रही थीं?और इससे भी बड़ा सवाल—घटना के बाद घर के बाहरी दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद क्यों मिली? वजह है कि पुलिस इस संभावना को भी जांच रही है कि वारदात में किसी परिचित व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
CCTV नहीं, मोबाइल बना जांच की अहम कड़ी
घटनास्थल और आसपास के गांव में CCTV कैमरे नहीं हैं। ऐसे में पुलिस के सामने घटनाक्रम को जोड़ना बड़ी चुनौती बन गया है।अब जांच का एक बड़ा आधार इंद्रावती के मोबाइल संपर्क हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि गांव आने के बाद उन्होंने किन लोगों से बातचीत की थी। संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।इसके अलावा घटना से एक दिन पहले उनके घर कौन आया था, किसने उनसे मुलाकात की थी और घटना के बाद गांव में किन संदिग्ध लोगों की गतिविधियां देखी गईं—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।देर शाम पुलिस दो लोगों को थाने ले गई और उनसे पूछताछ की। हालांकि, अभी तक किसी आरोपी की भूमिका को लेकर पुलिस ने कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
क्या कोई परिचित वारदात के पीछे था?
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इंद्रावती के घर में आसानी से प्रवेश किन लोगों का था। क्या कोई ऐसा व्यक्ति था जिसे वह पहले से जानती थीं? क्या घटना से पहले या बाद में किसी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही हुई? क्या जेवर चोरी करने के लिए हत्या की गई या मौत के बाद जेवर गायब किए गए?इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
अयोध्या में हुआ अंतिम संस्कार
इंद्रावती का सोमवार को अयोध्या के रामघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे आशुतोष मिश्रा ने मुखाग्नि दी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस सुरक्षा में शव गांव पहुंचाया गया।अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे। घटना के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।
अब सबसे बड़ा सवाल—मौत कैसे हुई?
फिलहाल पुलिस के सामने दो अहम सवाल हैं—91 वर्षीय इंद्रावती की मौत आखिर किस वजह से हुई और उनके जेवर कहां गए?पोस्टमार्टम से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। CCTV भी नहीं है। ऐसे में पुलिस अब फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल, घर की परिस्थितियों और संदिग्धों से पूछताछ के जरिए इस रहस्य की कड़ियां जोड़ रही है।जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, यह साफ होने की उम्मीद है कि इंद्रावती की मौत एक दुखद प्राकृतिक घटना थी या फिर इसके पीछे कोई ऐसी साजिश थी, जिसने पूरे मामले को हत्या और लूट की पहेली बना दिया है।
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