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IPS अफसर की मां की मौत से मचा हड़कंप, जेवर गायब होने से हत्या का शक, पोस्टमार्टम ने खोला नया राज

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अंबेडकरनगर के पैतृक घर में 94 वर्षीय इंद्रावती की मौत, तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम; हत्या की पुष्टि नहीं, विसरा सुरक्षित

अंबेडकरनगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में तैनात आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 94 वर्षीय मां इंद्रावती की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अंबेडकरनगर के मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा धमरूआ गांव स्थित पैतृक घर में रविवार को उनकी मौत की सूचना सामने आई। शुरुआती तौर पर मौत को हार्ट अटैक बताया गया, लेकिन बेटे के गांव पहुंचने के बाद परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। शरीर से कई आभूषण गायब मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद मौत को लेकर संदेह गहरा गया।

हृदय को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा जा रहा

हालांकि, इस मामले में एक अहम तथ्य सामने आया है—तीन चिकित्सकों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ कराए गए पोस्टमार्टम में फिलहाल हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं हो सका। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित किया है और कार्डियक अरेस्ट की संभावना की पुष्टि के लिए हृदय को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा जा रहा है।

शनिवार को मां से मिलने पहुंचे थे IPS अधिकारी

पुलिस के अनुसार, इंद्रावती अपने गांव स्थित पैतृक घर में रह रही थीं। घटना से एक दिन पहले शनिवार को उनके बेटे आशुतोष मिश्रा मां से मिलने गांव पहुंचे थे। कुछ समय मां के साथ बिताने के बाद वह अपनी ड्यूटी के चलते लखनऊ लौट गए।अगली सुबह करीब 10 बजे उन्हें परिवार के सदस्य की ओर से फोन पर मां की मौत की सूचना मिली। बताया गया कि उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद हार्ट अटैक से मौत हुई है। सूचना मिलते ही आशुतोष मिश्रा गांव पहुंचे।लेकिन घर पहुंचने के बाद उन्होंने शव की स्थिति देखी तो उन्हें मौत की परिस्थितियों पर संदेह हुआ।

गले से चेन, कान के टॉप्स और पायल तक गायब

परिजनों के मुताबिक, महिला के शरीर पर रहने वाले कई आभूषण मौके पर नहीं मिले। सोने की चेन के अलावा सोने के दानों वाली तुलसी की माला, नाक की कील, कान के टॉप्स और पैरों की पायल भी गायब होने की बात कही गई।इसी के बाद आशुतोष मिश्रा ने पुलिस को मामले की जानकारी दी और मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग की। आभूषण गायब होने के कारण लूट के बाद हत्या की आशंका भी सामने आई।

मुंह से खून आने की बात, जांच में जुटी पुलिस

मौत की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी सक्रिय हुए। डीआईजी सोमेन वर्मा और अंबेडकरनगर की एसपी प्राची सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया गया।फोरेंसिक टीम ने मौके से संभावित साक्ष्य जुटाए। इसके अलावा सर्विलांस और एसओजी टीम को भी जांच में लगाया गया है। आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर उनके बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।हालांकि, पुलिस के मुताबिक शव के शुरुआती निरीक्षण में हत्या की पुष्टि करने वाला कोई स्पष्ट तथ्य सामने नहीं आया था।

पोस्टमार्टम ने बढ़ाया रहस्य

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी प्राची सिंह के निर्देश पर तीन डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इसके बाद डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित कर लिया। साथ ही कार्डियक अरेस्ट से मौत की पुष्टि के लिए हृदय को हिस्टोपैथोलॉजिकल परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है।इस रिपोर्ट के बाद फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि महिला की मौत हत्या के कारण हुई। पुलिस भी मेडिकल रिपोर्ट और जांच से सामने आने वाले तथ्यों का इंतजार कर रही है।

CCTV नहीं, पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

जांच में एक बड़ी परेशानी यह सामने आई है कि घर के बाहर या आसपास CCTV कैमरे नहीं लगे हैं। गांव के आसपास के घरों में भी ऐसा कोई कैमरा नहीं मिला, जिससे घटना से पहले या बाद की गतिविधियों की तस्वीर सामने आ सके।ऐसे में पुलिस को फिलहाल इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के अभाव में स्थानीय लोगों के बयान, फोरेंसिक जांच और अन्य तकनीकी माध्यमों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

अज्ञात के खिलाफ मुकदमा, कई टीमें सक्रिय

पुलिस ने मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के लिए फोरेंसिक, एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया है। पुलिस आसपास के लोगों और संभावित संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि महिला की मौत से पहले घर पर कौन आया था, घटना के समय आसपास कौन-कौन मौजूद था और गायब बताए जा रहे आभूषणों के संबंध में कोई सुराग मिलता है या नहीं।

कौन हैं आशुतोष मिश्रा?

आशुतोष मिश्रा का पुलिस विभाग में चयन वर्ष 1998 में हुआ था। वर्ष 2016 में पदोन्नति के बाद वह आईपीएस अधिकारी बने। उन्होंने मुरादाबाद, बहराइच, अलीगढ़ और बाराबंकी समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली। वह 29 नवंबर 2023 से पुलिस मुख्यालय में तैनात हैं।उनकी दो बहनें लक्ष्मी और श्रद्धा हैं। लक्ष्मी लखनऊ में रहती हैं, जबकि श्रद्धा मुंबई में रहती हैं। मां की मौत की खबर के बाद परिवार के सदस्य गांव पहुंच गए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई

मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर घटना पर दुख जताते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक आईपीएस अधिकारी की मां की हत्या का समाचार दुखद है और प्रदेश में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

अब मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी जांच

इस पूरे मामले में फिलहाल तीन अहम बातें सामने हैं—महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई, कुछ आभूषण गायब होने की बात कही गई और पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। लेकिन पोस्टमार्टम से अभी हत्या की पुष्टि नहीं हुई है।अब विसरा और हृदय की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ पुलिस की फोरेंसिक और सर्विलांस जांच से मिलने वाले साक्ष्य यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि यह प्राकृतिक मौत थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।फिलहाल पुलिस ने हत्या की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

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