होम उप्र न्यूज़ लखनऊ में छात्राओं का फूटा गुस्सा, बारिश में सड़क पर बैठकर किया...

लखनऊ में छात्राओं का फूटा गुस्सा, बारिश में सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन

0
34

शिक्षकों की कमी, खराब भोजन और इलाज में लापरवाही का आरोप; छात्राओं ने डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पारा स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की छात्राओं ने सोमवार को विद्यालय की व्यवस्थाओं के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध जताया। तेज बारिश के बीच जेन एल्फा छात्राएं विद्यालय से निकलकर करीब ढाई किलोमीटर दूर दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहे पर पहुंचीं और सड़क पर बैठकर विरोध जताने लगीं। छात्राओं के अचानक सड़क पर उतरने से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही

छात्राओं ने आरोप लगाया कि विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा भोजन की गुणवत्ता खराब है और बीमार होने पर समय पर समुचित उपचार नहीं मिल पाता। छात्राओं का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार शिकायत के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। एक छात्रा ने बताया कि उनसे उनके शिक्षक गन्दी भाषा का प्रयोग करते हैं। वो काफी परेशानी में है। कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।

आरोप, उचित चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पाती

छात्राओं का कहना है कि विद्यालय में किसी के बीमार पड़ने पर समय पर उचित चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पाती। उनका आरोप है कि इन समस्याओं की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार दी गई लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। डीएम को मौके पर बुलाने की मांग प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्राओं ने अपनी शिकायतें सीधे जिलाधिकारी के सामने रखने और समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की।

जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे बच्चे

अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराने तथा स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और छात्राओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, छात्राएं जिलाधिकारी को मौके पर बुलाकर समस्याओं का तत्काल समाधान कराने की मांग पर अड़ी रहीं। अधिकारियों की ओर से छात्राओं से बातचीत कर स्थिति सामान्य कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन खत्म, अधिकारियों ने समझाकर विद्यालय लौटाया

छात्र-छात्राओं ने दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहा और बालागंज चौराहा पर धरना दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाकर शांत कराया । अधिकारियों के समझाने के बाद सभी छात्र-छात्राएं सकुशल विद्यालय परिसर में वापस लौट आए। इसके बाद विद्यालय परिसर में ही छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर अधिकारियों ने बातचीत शुरू की।

शिक्षकों की कमी और कक्षाएं न चलने से नाराज थे छात्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्र-छात्राओं की मुख्य शिकायत विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता नहीं होने और समय से कक्षाएं संचालित नहीं किए जाने को लेकर थी। छात्रों का कहना था कि शिक्षकों की कमी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और नियमित रूप से कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं।इसी समस्या को लेकर छात्र-छात्राओं ने विद्यालय से बाहर निकलकर चौराहों पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए मौके पर लोगों की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को लेकर भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी।

मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी

प्रदर्शन की सूचना मिलने पर ADCP पश्चिमी, ACP काकोरी, SDM और CDO मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। समझाने-बुझाने के बाद छात्रों को शांत कराया गया, जिसके बाद सभी छात्र विद्यालय परिसर में लौट आए।अधिकारियों ने छात्रों को उनकी समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

विद्यालय परिसर में शुरू हुई अधिकारियों की बैठक

छात्रों के वापस लौटने के बाद विद्यालय परिसर में समाज कल्याण विभाग के उच्चाधिकारी, ADCP पश्चिमी, ACP काकोरी, SDM, CDO और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। विद्यालय के शिक्षक और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।अधिकारियों की ओर से छात्र-छात्राओं की मांगों और समस्याओं को लेकर उनसे बातचीत की जा रही है। संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समस्याओं के समाधान और आवश्यक कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

प्रशासन ने स्थिति सामान्य बताई

प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल सभी छात्र-छात्राएं विद्यालय परिसर में सुरक्षित हैं और उनके साथ अधिकारियों की वार्ता जारी है। मौके पर यातायात व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित हो रही है।प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य है और छात्र-छात्राओं की ओर से उठाई गई समस्याओं को संबंधित विभागों के समक्ष रखा गया है। अब अधिकारियों की बातचीत और विभागीय कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि शिक्षकों की कमी और कक्षाओं के संचालन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

यह भी पढ़े : स्वतंत्रता दिवस पर DGP राजीव कृष्ण ने फहराया तिरंगा, शहीद निरीक्षक सुनील कुमार को कीर्ति चक्र मिलने को बताया गौरव

यह भी पढ़े : लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह से लगातार दूसरी बार दूर रहे राहुल गांधी, विपक्षी नेता भी नदारद

यह भी पढ़े : तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का संकल्प: सीएम विजय

यह भी पढ़े : स्वतंत्रता दिवस पर Gen Z को पीएम मोदी की बड़ी सौगात, फ्री ऑनलाइन कोचिंग और AI ट्रेनिंग का ऐलान

यह भी पढ़े : योगी बोले- यूपी अब ‘उपद्रव प्रदेश’ नहीं, ‘उत्सव प्रदेश’, सुशासन मॉडल के रूप में बना रहा पहचान