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आशीष बनर्जी की मौत में नया मोड़, सामने आया कथित सुसाइड नोट, राजनीति छोड़ने को बताया ‘गलती’

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस के अनुसार, रामपुरहाट स्थित टीएमसी कार्यालय में उनका शव फंदे से लटका मिला था। घटनास्थल से बंगाली भाषा में हाथ से लिखा एक पन्ने का कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।हालांकि, पुलिस ने अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि नोट वास्तव में आशीष बनर्जी ने ही लिखा था। मामले की जांच में पुलिस इस पहलू को भी खंगाल रही है।

‘राजनीति में आना गलती थी’

कथित नोट में आशीष बनर्जी ने राजनीति में अपने लंबे सफर का जिक्र करते हुए दावा किया है कि वह छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे, लेकिन कभी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हुए। नोट में कथित तौर पर उन्होंने लिखा कि उन्होंने बर्दवान विश्वविद्यालय में छात्र संघ के महासचिव के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली, लेकिन वहां भी किसी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे।नोट में राजनीतिक जीवन के दौरान होने वाली बहसों और पार्टी के फैसलों का भी जिक्र किया गया है। कथित तौर पर उन्होंने लिखा कि वह पार्टी के सभी फैसलों से सहमत नहीं होते थे, लेकिन उनका विरोध करने की स्थिति में भी नहीं थे।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर सफाई का दावा

कथित सुसाइड नोट में आशीष बनर्जी ने खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करने की कोशिश की है। इसमें दावा किया गया है कि उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए।नोट में तारापीठ रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (TRDA) से जुड़े अपने पद और अधिकारों को लेकर भी सफाई दी गई है। कथित तौर पर उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में उनकी भूमिका सीमित थी और वह टेंडर कमेटी का हिस्सा नहीं थे।

‘मुझे बदनाम करने की कोशिश की गई’

कथित नोट में आरोप लगाया गया है कि उन्हें बदनाम करने के लिए कई तरह के प्रयास किए गए। इसमें यह भी दावा किया गया कि TRDA में उनके पास चेक पर हस्ताक्षर करने, परियोजनाओं को मंजूरी देने या नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी करने जैसे अधिकार नहीं थे।नोट में कथित तौर पर उन्होंने इन आरोपों को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि राजनीति में आना उनके जीवन की बड़ी गलती थी। साथ ही, अपने बेटों को राजनीति से दूर रहने की सलाह देने का भी उल्लेख है।

टीएमसी कार्यालय में मिला था शव

आशीष बनर्जी रविवार को बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित अपने घर के पास टीएमसी कार्यालय में मृत पाए गए थे। वह रामपुरहाट विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रह चुके थे और पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के अलावा राज्य सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।उनकी मौत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। कथित सुसाइड नोट की लिखावट, उसकी वास्तविकता और उसमें किए गए दावों की भी जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही आशीष बनर्जी की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

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